उत्तर प्रदेश(राजीव शर्मा): उत्तर प्रदेश में सिख समुदाय को लेकर सियासत तेज समाजवादी पार्टी ने किया सिख सम्मेलन अखिलेश यादव का सिख समाज पर फोकस बीजेपी का दावा सिखों का बीजेपी ने किया है सम्मान
उत्तर प्रदेश की राजनीति में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं वैसे-वैसे समीकरणों को साधने का प्रयास राजनीतिक दलों के द्वारा किया जा रहा है समाजवादी पार्टी और बीजेपी के बीच सियासत की नूरा कुश्ती का दौर जारी है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव एक दूसरे पर कटाक्ष कर रहे तो वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी अब जाति आधार पर वोट बैंक को साधने में जुटी समाजवादी पार्टी ने आज शिक्षा सम्मेलन आयोजित किया और सिखों को समाजवादी पार्टी अपने पाले में खींचने का प्रयास कर रही है l
यूपी में सिख समाज की आबादी 7 लाख
उत्तर प्रदेश में सिख समाज की आबादी तो बहुत नहीं है लेकिन इनकी आबादी कुछ जगहों पर बेहद प्रभावित है यूपी में करीब 7 लाख सिख है पीलीभीत बरेली मुरादाबाद रामपुर लखीमपुर खीरी सीतापुर लखनऊ प्रतापगढ़ प्रयागराज और वाराणसी में सिखों की आबादी कुछ स्थानों पर बेहद प्रभावी है वर्तमान समय में सिख समाज से एक विधायक हैं और यूपी सरकार में एक सिख मंत्री भी है ऐसे में समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक समुदाय में आने वाले सिख समाज पर फोकस करें इसके पीछे कारण सिख समाज की मजबूती और सामाजिक और आर्थिक आधार पर संपन्न होना है
बीजेपी का पलटवार सपा के एजेंडे में अल्पसंख्यक माने मुसलमान
समाजवादी पार्टी पर पलटवार करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश सिख गुरुद्वारा कोआर्डिनेशन कमेटी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष सरदार परविंदर सिंह ने कहा भारतीय जनता पार्टी ने सिखों को सम्मान दिया गुरुद्वारा और सिख धर्म स्थलों के विकास के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पैसे दिए समाजवादी पार्टी तो अल्पसंख्यक का अर्थ सिर्फ मुसलमान समझती है उनके झंडे में यादव मुसलमान है बीजेपी ने सिखों का विकास किया।।
बयान सरदार परविंदर सिंह एडवोकेट (अध्यक्ष उत्तर प्रदेश सिख गुरुद्वारा कोआर्डिनेशन कमेटी)
