नई दिल्ली(राजीव शर्मा):प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रक्षा और उन्नत विनिर्माण में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता पर प्रकाश डाला, कहा कि नौसैनिक, विमानन और क्षेपणास्त्र क्षेत्रों में देश की स्वदेशी उपलब्धियाँ राष्ट्रीय सुरक्षा को सशक्त कर रही हैं और तकनीकी प्रगति व रोजगार को बढ़ावा दे रही हैं।
अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के हालिया संस्करण में addressing राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2026 की पहली छमाही में ऐसे महत्वपूर्ण मील के पत्थर आए हैं जो भारत को आत्मनिर्भर भारत बनने की लगातार यात्रा का प्रतिबिंब हैं। उन्होंने कहा कि विशेषकर जून में रणनीतिक क्षेत्रों में कई ऐतिहासिक उपलब्धियाँ देखी गईं।
कोलकाता के अपने हालिया दौरे का जिक्र करते हुए मोदी ने भारतीय नौसेना में देश में विकसित तीन स्वदेशी नौसैनिक प्लेटफॉर्म — INS दूनागिरि, INS संशोधक और INS अग्रय — के समावेशन के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि ये पोत पूरी तरह देश में ही कल्पित, डिज़ाइन और निर्मित किए गए हैं, जो घरेलू शिपबिल्डिंग में भारत की बढ़ती क्षमता को दर्शाते हैं।
प्रधानमंत्री ने इस विकास को देश के समुद्री रक्षा पारि́s्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने में एक बड़ा कदम बताया। उनके अनुसार, स्वदेशी नौसैनिक उत्पादन न केवल परिचालन तैयारियों को बढ़ाता है बल्कि विदेशी रक्षा उपकरणों पर निर्भरता को भी कम करता है।
विमानन क्षेत्र की ओर मुड़ते हुए मोदी ने मेड-इन-इंडिया C-295 परिवहन विमान की सफल पहली उड़ान का जश्न मनाया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम देश की एयरोस्पेस इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी सफलता है, और वर्तमान में भारत में 40 विमान निर्मित किए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह परियोजना नए रोजगार सृजन, घरेलू सप्लाई चेन का विस्तार और रक्षा निर्माण में लगे माइक्रो, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को महत्वपूर्ण बढ़ावा प्रदान करेगी।
प्रधानमंत्री ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा भारतीय उद्योग भागीदारों के साथ सहयोग में विकसित एक लंबी दूरी के लैंड-अटैक क्रूज़ मिसाइल के सफल परीक्षण को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि वैज्ञानिक संस्थानों और घरेलू निर्माताओं के बीच बढ़ते साझेदारी को दर्शाती है, जो देश को स्वदेशी विशेषज्ञता के जरिए उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियाँ विकसित करने में सक्षम बनाती है।
मोदी ने कहा कि रणनीतिक क्षेत्रों में भारत की प्रगति दिखाती है कि देशीय नवाचार किस प्रकार राष्ट्रीय सुरक्षा की रीढ़ बनता जा रहा है। नौसैनिक संपत्तियों से लेकर एयरोस्पेस प्लेटफॉर्म और अगली पीढ़ी के मिसाइल सिस्टम तक, उन्होंने कहा कि देश निरंतर ऐसी क्षमताएँ बना रहा है जो प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता को आत्मनिर्भरता के साथ जोड़ती हैं।
प्रसारण के दौरान प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच सोच-समझ कर उपभोग करने के अपने आग्रह का नागरिकों द्वारा जवाबदारी से पालन करने के लिए आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थिति में स्थिरता सुनिश्चित करने के उपायों का समर्थन करने के लिए लोगों की सराहना की।
अपने संबोधन का समापन करते हुए मोदी ने कहा कि समुद्रों, आकाशों और रणनीतिक अनुसंधान क्षेत्रों में भारत की उपलब्धियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि राष्ट्र धीरे-धीरे अधिक तकनीकी स्वतंत्रता की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने जोर दिया कि हर स्वदेशी सफलता न केवल देश की रक्षा तैयारियों को सशक्त बनाती है बल्कि नवाचार और विनिर्माण में वैश्विक नेतृत्व बनने के प्रति देश के आत्मविश्वास को भी मजबूत करती है।
