सबसे लंबे निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर मंत्रिमंडल ने पीएम मोदी को दी बधाई

नई दिल्ली(राजीव शर्मा): केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज एक प्रस्ताव पारित कर 10 जून, 2026 को भारतीय लोकतंत्र की यात्रा में एक ऐतिहासिक क्षण बताया और श्री नरेन्द्र मोदी को देश के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी। निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में 4,399 दिनों की निरंतर सेवा का रिकॉर्ड बनाकर श्री मोदी श्री जवाहरलाल नेहरू के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। श्री नेहरू ने 1952 से 1964 तक 4,398 दिनों तक निरंतर सेवा की थी। प्रस्ताव में कहा गया है कि यह अवसर भारत की लोकतांत्रिक चेतना, जनविश्वास और जनभागीदारी की शक्ति का प्रतीक है, जो ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ संकल्प से प्रेरित नेता को जनता द्वारा दिए गए अभूतपूर्व समर्थन को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए प्रस्ताव में कहा गया है कि यह उपलब्धि एनडीए सरकार के उनके नेतृत्व में 12 वर्ष पूरे होने के साथ ही अर्जित हुई है। इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि सरकार प्रमुख के रूप में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी लगातार 25 वर्षों की सेवा के ऐतिहासिक पड़ाव के निकट पहुंच रहे हैं। संवेदनशीलता, संयम, दृढ़ संकल्प और निर्णायकता से परिपूर्ण नेतृत्व पर गर्व व्यक्त करते हुए आधिकारिक प्रस्ताव में इस बात पर बल दिया गया है कि छह दशकों के बाद देश ने एनडीए सरकार को लगातार तीसरी बार जनादेश दिया है।

प्रधानमंत्री के जीवन को सेवा और राष्ट्र निर्माण के प्रति निरंतर समर्पण के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करते हुए, यह प्रस्ताव उनके 2014 के उस घोषणापत्र का उल्लेख करता है जिसमें उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र के प्रति प्रतिबद्ध ‘प्रधान सेवक’ घोषित किया था। इसकी सराहना करते हुए कि गरीबों का कल्याण शासन के केंद्र में रखा गया है, यह दस्तावेज़ अभूतपूर्व स्तर पर प्रदान की गई सुविधाओं का विवरण देता है, जिनमें पक्के मकान, बिजली, स्वच्छ जल और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण, साथ ही 80 करोड़ से अधिक नागरिकों के लिए निशुल्क राशन और 60 करोड़ से अधिक निर्धनों के लिए निशुल्क चिकित्सा उपचार शामिल हैं। प्रस्ताव में यह दर्ज है कि इन सामूहिक प्रयासों ने राष्ट्रीय आत्मविश्वास बढ़ाया और 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से मुक्ति दिलाने में सक्षम बनाया।

प्रस्ताव में प्रमुख जनसांख्यिकीय समूहों के सशक्तिकरण का विस्तृत विवरण दिया गया है। इसमें युवा शक्ति पर केंद्रित प्रयासों को स्वीकृति दी गई है, जिन्होंने भारत को विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम और चंद्रयान मिशन के माध्यम से एक वैज्ञानिक शक्ति बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। धुआं मुक्त रसोई और लखपति दीदी अभियान से लेकर विधायी निकायों में महिलाओं के लिए ऐतिहासिक 33 प्रतिशत आरक्षण जैसी व्यापक नीतियों के माध्यम से ‘महिला नेतृत्व वाले विकास’ के एक नए अध्याय का विस्तृत वर्णन किया गया है। किसानों को ‘विकसित भारत’ का मूल स्तंभ मानते हुए, प्रस्ताव में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और पशुपालकों एवं मछुआरों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने जैसी पहलों की सराहना की गई है, जिन्होंने कृषि निर्यात को 5 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

दशकों से लंबित सुधारों को लागू करने में दिखाई गई निर्णायक ‘राष्ट्र प्रथम’ भावना की प्रशंसा करते हुए, प्रस्ताव में अनुच्छेद 370 को निरस्त करना, जीएसटी और ओआरओपी का कार्यान्वयन, सीएए कानून, भारतीय न्याय संहिता और श्रम संहिताओं का समेकन जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियों की सराहना की गई है। दस्तावेज़ में राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया गया है, जिसका प्रमाण सर्जिकल और सीमा पार हवाई हमले, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और अन्यायपूर्ण सिंधु जल संधि का निलंबन, आतंकवाद के विरुद्ध की गई कड़ी कार्रवाई है। नक्सलवाद के उन्मूलन, पूर्वोत्तर में स्थायी शांति समझौतों पर हस्ताक्षर और बांग्लादेश के साथ सीमा विवाद के समाधान में भी सराहनीय प्रगति दर्ज की गई है।

इस प्रस्ताव में रक्षा से लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता तक के क्षेत्रों में भारत की विनिर्माण क्षमताओं की उन्नति का श्रेय ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियानों से मिली गति को दिया गया है। साथ ही, इसमें जी-20 की सफल अध्यक्षता, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन तथा मिशन लाइफ जैसी पहलों के माध्यम से भारत की मजबूत वैश्विक भूमिका पर प्रकाश डाला गया है। विकास और विरासत को एक साथ जोड़ते हुए, यह प्रस्ताव नए संसद भवन और कर्तव्य पथ द्वारा प्रतीक सांस्कृतिक पुनर्जागरण को दर्शाता है, जो जनभागीदारी की भावना से प्रेरित है और जिसने कोरोना महामारी जैसे वैश्विक संकटों का सफलतापूर्वक सामना किया है।

इस बात को रेखांकित करते हुए कि पिछले 12 वर्षों की राजनीतिक स्थिरता, गतिशील शासन और दूरदर्शी नीतियों ने भारत को विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था में बदल दिया है, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अपनी गहरी कृतज्ञता और भविष्य के संकल्प को व्यक्त करने के लिए निम्नलिखित प्रस्तावों को आधिकारिक तौर पर अपनाया:

केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अपनाए गए औपचारिक प्रस्ताव:

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी गईं।
गरीबों के कल्याण और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए उनके नेतृत्व में किए गए कार्यों के लिए आभार व्यक्त किया गया।
प्रधानमंत्री की उन नीतियों की सराहना की गई जिनके कारण भारत में 25 करोड़ से अधिक गरीब उनके नेतृत्व में निर्धनता को हराने में सक्षम हुए।
राष्ट्र की सेवा के प्रति उनके अद्वितीय समर्पण और अथक परिश्रम के लिए आभार व्यक्त किया गया।
समावेशी विकास और सामाजिक न्याय की दिशा में उनके प्रयासों की सराहना की गई।
राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने और भारत के हितों की रक्षा करने में उनके नेतृत्व की प्रशंसा की गई।
‘विकसित भारत’ के निर्माण में उनके दूरदर्शी संकल्प और नेतृत्व के प्रति पूर्ण समर्थन व्यक्त किया गया।
स्वीकृत प्रस्तावों में प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की गई। इसमें दृढ़ विश्वास व्यक्त किया गया कि श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भर, सुरक्षित, समृद्ध और गौरवशाली राष्ट्र के रूप में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करना जारी रखेगा और 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में मजबूत मार्ग प्रशस्त करेगा।

By Rajeev Sharma

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