सुशासन और जनसेवा पर पीएम मोदी ने साझा किया संस्कृत सुभाषित

नई दिल्ली (राजीव शर्मा): प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज संस्कृत में एक सुभाषितम साझा किया जिसका अर्थ है कि लोक सेवा ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जो व्यक्ति विनम्रता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निरंतर कार्य करता है, वही जनविश्वास अर्जित करता है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा:

“जनसेवा ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी है। विनम्रता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निरंतर कार्य करने वाला व्यक्ति ही जनविश्वास अर्जित करता है।

सदानुरक्तप्रकृतिः प्रजापालनतत्परः।
विनीतात्मा हि नृपतिर्भूयसी श्रियमश्नुते॥”

एक जन प्रतिनिधि जो सेवा को एक पवित्र कर्तव्य मानता है, जनता के कल्याण के लिए अथक परिश्रम करता है, सुशासन के माध्यम से उनकी सुरक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करता है और विनम्रता, आत्म-अनुशासन एवं विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ समाज की प्रगति की दिशा में समर्पित रहता है, वही वास्तव में जनता का विश्वास, सम्मान, मान्यता और समृद्धि अर्जित करता है।

By Rajeev Sharma

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