हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी द्वारा डॉ. जय भगवान शर्मा की हरियाणवी कृति “सकुंतला” का लोकार्पण

चण्डीगढ़(बलविंदर सिंह): हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी द्वारा संस्कृत हिंदी एवं हरियाणवी के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. जय भगवान शर्मा की हरियाणवी कृति “सकुंतला” का लोकार्पण अकादमी के कार्यकारी उपाध्यक्ष प्रोफेसर कुलदीप चंद अग्निहोत्री ,सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के संयुक्त निदेशक नीरज कुमार एवं अकादमी के सदस्य सचिव मनजीत सिंह द्वारा अकादमी भवन पंचकूला में किया गया।

हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के कार्यकारी उपाध्यक्ष प्रोफेसर कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने पुस्तक का विमोचन करते हुए कहा कि यह कृति संस्कृत साहित्य को हरियाणवी भाषा के माध्यम से जन-जन तक पहुंचने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने हरियाणवी भाषा में किए गए भाव अनुवाद की गुणवत्ता की विशेष सराहना की।

डॉ. जय भगवान शर्मा ने बताया कि संस्कृत के अभिज्ञान शाकुंतलम नाटक की भाषा को दैनिक बोलचाल की हरियाणवी भाषा में प्रयुक्त होने वाले ऐसे शब्द जो अब प्रचलन से बाहर हो गए हैं उन्हें इस अनुवाद में पुनर्जीवित करने का प्रयास किया गया है। इसके अतिरिक्त, इस भावानुवाद में हरियाणवी परिवेश और बोलचाल की भाषा का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि नाटक को समझना और उसका मंचन करना आसान हो सके। पुस्तक में हरियाणवी भाषा के कई पुराने और क्षेत्रीय शब्दों को भी शामिल किया गया है, जो अब धीरे-धीरे बोलचाल से कम होते जा रहे हैं।

By Balwinder Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *