नई दिल्ली(राजीव शर्मा):चंडीगढ़ की वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी पूनम वर्मा को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार से सम्मानित किया। यह सम्मान राष्ट्रपति भवन में अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में प्रदान किया गया, जिसमें देशभर के 15 नर्सिंग पेशेवरों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए चुना गया।
पूनम वर्मा वर्तमान में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, चंडीगढ़ में नर्सिंग ऑफिसर के रूप में कार्यरत हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में दो दशक से अधिक का अनुभव रखने वाली पूनम ने शहर के सरकारी अस्पतालों में अपनी सेवाओं के दौरान आपातकालीन और गहन चिकित्सा देखभाल व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।
अपने कार्यकाल के दौरान वे गवर्नमेंट मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल सहित कई प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों से जुड़ी रहीं। उन्हें एडल्ट लाइफ सपोर्ट और बेसिक लाइफ सपोर्ट प्रशिक्षण में विशेषज्ञ माना जाता है। इसके अलावा, उन्होंने आईसीयू और अन्य महत्वपूर्ण विभागों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करने में भी योगदान दिया, जिससे इलाज और मरीज प्रबंधन की गुणवत्ता बेहतर हुई।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, उनके प्रयासों से सरकारी अस्पतालों की आपात प्रतिक्रिया प्रणाली अधिक प्रभावी बनी और गंभीर मरीजों की देखभाल में सुधार आया।
राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार देश में नर्सिंग क्षेत्र का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। वर्ष 1973 में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए इस पुरस्कार के तहत सम्मानित व्यक्तियों को पदक, प्रशस्ति पत्र और एक लाख रुपये की नकद राशि दी जाती है।
सम्मान मिलने के बाद पूनम वर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं, बल्कि चंडीगढ़ की पूरी नर्सिंग बिरादरी की है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उन्हें मरीजों की सेवा में और अधिक समर्पण के साथ काम करने की प्रेरणा देगा।
इस वर्ष के सम्मानितों में केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, दिल्ली, लद्दाख और लक्षद्वीप सहित कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नर्सिंग पेशेवर तथा सहायक नर्स मिडवाइफ शामिल रहीं।
