हैदराबाद(राजीव शर्मा):प्रधानमंत्री नरेश्वर मोदी ने रविवार को वैश्विक ईंधन महंगाई और पश्चिम एशिया में तनाव के बीच देशवासियों से किफायत और आत्मनिर्भरता की खुली पुकार लगाई। हैदराबाद के परेड ग्राउंड्स पर विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने अनावश्यक ईंधन खपत घटाने, स्वदेशी सामान खरीदने और विदेशी ऐशपरस्ती से बाज आने की सलाह दी।
मोदी ने कहा कि अमेरिका-ईरान टकराव से कच्चे तेल के दामों में उछाल आया है, सप्लाई चेन बाधित हो रही। ऐसे में हर नागरिक को अर्थव्यवस्था की रक्षा करनी होगी। उन्होंने गैर-जरूरी विदेश यात्राएं और डेस्टिनेशन वेडिंग बंद करने का आह्वान किया। विदेशी मुद्रा बचाना राष्ट्रीय स्थिरता के लिए जरूरी। इसके बजाय घरेलू पर्यटन स्थलों पर घूमें, त्योहार मनाएं।
‘वोकल फॉर लोकल’ को जीवनशैली बनाएं, जूते-झोले से लेकर घरेलू सामान तक भारतीय चुनें। इससे आयात कम होगा, देशी उद्योग मजबूत होंगे। पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए मेट्रो, बस, कारपूलिंग और रेल माल ढुलाई बढ़ाएं। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दें। कोविड सबक से वर्क फ्रॉम होम, वीडियो कॉन्फ्रेंस अपनाकर यात्रा घटाएं – पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों को फायदा।
कृषि पर बोलते हुए पीएम ने खाद्य तेल आयात पर चिंता जताई। तिलहन उत्पादन बढ़ाकर आत्मनिर्भर बनें, तेल खपत कम करें – स्वास्थ्य और बिल दोनों बचेंगे। रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध इस्तेमाल से मिट्टी बर्बाद हो रही, आयात महंगा पड़ रहा। प्राकृतिक खेती अपनाएं, उर्वरक 50% घटाएं। डीजल पंपों की जगह सोलर इरिगेशन लगवाएं।
उर्वरक सब्सिडी जारी रहेगी, वैश्विक ऊंचे दामों के बावजूद किसानों को सस्ता मिलेगा। मोदी ने एकजुटता की बात की – देशभक्ति सिर्फ नारे नहीं, जिम्मेदार आचरण है। भाजपा नेता जी किशन रेड्डी, बंडी संजय कुमार और तेलंगाना अध्यक्ष एन रामचंदर राव मंच पर थे।
सभा में उमड़ा जनसैलाब मोदी के संदेश से प्रेरित नजर आया। क्या सरकारें इस अपील पर अमल करेंगी, यह देखना बाकी।
