पंजाब के जो लोग अधिक बिजली बिल आने से परेशान हो गए हैं, उन्हें अब दिक्कत नहीं उठानी पड़ेगी। सरकार ने ऐसे लोगों की पहचान कर ली है। करीब 63 हजार लोगों को नए सिरे से बिल भेजे जा रहे हैं। बिल भेजने की प्रक्रिया अगले 3 दिन में पूरी हो जाएगी। यह दावा बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध ने किया है। वह चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं।
मंत्री ने बताया कि मीटर रीडर्स की हड़ताल के दौरान अस्थायी बिल जारी होने से इन उपभोक्ताओं के बिल प्रभावित हुए थे।अब सभी 63,702 उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली की सब्सिडी का लाभ मिलेगा। सरकार ने बिलिंग सिस्टम की तकनीकी खामियां भी दूर कर दी हैं।
अब ज्यादा बिल जारी होने से पहले उनकी जांच की जाएगी।अगर किसी उपभोक्ता को गलत तरीके से बढ़ा हुआ बिल मिलता है तो दो सप्ताह के भीतर उसका समाधान किया जाएगा। शिकायतों के समाधान के लिए विशेष हेल्पलाइन भी जारी की जाएगी।
उपभोक्ताओं ने 2 चीजे हमारे ध्यान में लाई
मंत्री ने बताया कि पिछले दिनों हमारे उपभोक्ताओं ने हमारे ध्यान में दो मुद्दे लाए थे। पहला मुद्दा यह था कि पिछले तीन महीने से हमारे उपभोक्ताओं को औसत बिल पर मिलने वाली 300 यूनिट की सब्सिडी का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्हें लग रहा था कि तीन महीने का बिल एक साथ लगकर आ गया है।
इसके पीछे एक कारण यह था कि लंबे समय तक मीटर रीडर मई, जून और जुलाई में हड़ताल पर चल रहे थे। ऐसे में हमारे पास बिल जनरेट करने का एक ही विकल्प था कि जो पिछले साल बिल आए थे, उसी आधार पर औसत बिल के आधार पर हम कस्टमर को भेज देते।
हड़ताल की वजह से एवरेज बिल भेजे थे
इसी कड़ी में जब पिछले साल के औसत बिल उठाए गए और तीन महीने का बिल जनरेट हुआ तो उदाहरण के लिए मई महीने में किसी की खपत 250 यूनिट हुई। यह 300 फ्री यूनिट से कम थी, इसलिए बिल जीरो आना चाहिए था। जून में भी 250 यूनिट हुई, जो 300 से कम है। ऐसे में सब्सिडी मिलनी चाहिए थी। लेकिन नहीं हुआ। वहीं, मान लो जुलाई में किसी ने 450 यूनिट खर्च किए, क्योंकि गर्मी का सीजन था। अब हुआ यह कि मानो तीनों यूनिट को मिला दिया जाए तो 950 यूनिट हो गईं। होना तो यह चाहिए था कि मई और जून की सब्सिडी मिलनी चाहिए थी और जून में बिल आना चाहिए था। लेकिन सारी यूनिट को इकट्ठा कर तीन से भाग कर दिया गया।
मई और जून की सब्सिडी भी देंगे
इसके चलते एक महीने की खपत 316.66 यूनिट आ गई, जिस कारण 3 महीने का बिल देना पड़ा। मामला ध्यान में आने के बाद कुल 78 लाख उपभोक्ताओं का सारा डेटा निकाला गया तो यह संख्या एक प्रतिशत से कम निकली, जो करीब 63 हजार बनती है। अब तीन वर्किंग डे में सभी 63 हजार उपभोक्ताओं को नया बिल जारी करने लगे हैं। मई और जून की सब्सिडी देंगे। वहीं, जुलाई में जितनी सब्सिडी से अधिक खपत हुई होगी, उसका बिल देना पड़ेगा। वहीं, जिन्होंने बिल भर दिया है, उनका अगले बिल में सही कर देंगे।
