जनगणना 2027 के द्वितीय चरण पर राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी का तृतीय सम्मेलन चंडीगढ़ में आयोजित

चंडीगढ़ (नवल किशोर): जनगणना 2027 के द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) से संबंधित राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति (एसएलसीसीसी)-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी (पीसीओ) का तृतीय सम्मेलन आज यूटी सचिवालय, सेक्टर 9, चंडीगढ़ में मुख्य सचिव, यूटी चंडीगढ़, श्री एच. राजेश प्रसाद, आईएएस की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।

सम्मेलन में राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति के सदस्य, प्रधान जनगणना अधिकारी, जिला जनगणना अधिकारी, चार्ज अधिकारी, भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय (ओआरजीआई), नई दिल्ली के निदेशक श्री एस. एन. शर्मा तथा चंडीगढ़ प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

निदेशक, जनगणना कार्य, चंडीगढ़, डॉ. नवजोत खोसा, आईएएस ने जनगणना 2027 के द्वितीय चरण पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने इसके प्रमुख पहलुओं, संचालन संबंधी आवश्यकताओं और चंडीगढ़ की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने प्रथम चरण—मकानसूचीकरण एवं आवास गणना—की प्रगति और परिणामों से भी प्रतिभागियों को अवगत कराया तथा जनसंख्या गणना की तैयारियों की रूपरेखा प्रस्तुत की। प्रस्तुति में संचालन संबंधी चुनौतियों, डिजिटल उपकरणों एवं एप्लिकेशनों से परिचित कराने, अधिकारियों एवं क्षेत्रीय कर्मचारियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण तथा अंतर-विभागीय समन्वय जैसे विषयों को शामिल किया गया।

सम्मेलन में बताया गया कि चंडीगढ़ में स्व-गणना 10 से 24 जनवरी, 2027 तक की जाएगी। इसके बाद जनसंख्या गणना 25 जनवरी से 28 फरवरी, 2027 तक होगी। तत्पश्चात 1 से 5 मार्च, 2027 तक पुनरीक्षण दौर आयोजित किया जाएगा।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने जनगणना के व्यापक स्तर और महत्व को ध्यान में रखते हुए आंकड़ों की सटीकता, सूक्ष्म तैयारी और अग्रिम योजना पर बल दिया। उन्होंने सभी चार्ज अधिकारियों को जनगणना कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा सभी गतिविधियों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने के निर्देश दिए, ताकि इन्हें समयबद्ध और सटीक ढंग से पूरा किया जा सके। उन्होंने सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को जनगणना कार्य निदेशालय को पूर्ण सहयोग एवं सहायता प्रदान करने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने स्व-गणना पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल देते हुए संबंधित विभागों को व्यापक जागरूकता अभियानों और समन्वित जनसंपर्क प्रयासों के माध्यम से नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की संपूर्ण आबादी को जनगणना में शामिल करना सुनिश्चित करने के लिए अधिकतम जनभागीदारी आवश्यक होगी।

सम्मेलन का समापन संवादात्मक चर्चा और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर यूटी प्रशासन और जनगणना कार्य निदेशालय ने सटीकता, दक्षता, पारदर्शिता और गुणवत्ता के उच्चतम मानकों के साथ चंडीगढ़ में जनगणना 2027 के सफल संचालन की प्रतिबद्धता दोहराई।

By Rajeev Sharma

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