वृंदावन (राजीव शर्मा): परम पूज्य श्री हित प्रकाशचंद्र गोस्वामी जी महाराज के 2 अक्टूबर, 2026 को निकुंज गमन पर संपूर्ण वैष्णव समाज गहरे शोक में डूब गया है। वैष्णव भक्ति परंपरा में ‘निकुंज गमन’ एक पूज्य संत या भक्त के पार्थिव संसार से आध्यात्मिक लोक की ओर प्रस्थान के लिए प्रयुक्त होने वाला आदरसूचक शब्द है।
इस समाचार से वृंदावन, समूचे भारतवर्ष और विदेशों में बसे वैष्णव समाज के भक्तों व अनुयायियों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है। भक्तगण गोस्वामी जी महाराज की आध्यात्मिक आभा, मार्गदर्शन और वैष्णव परंपरा के प्रति उनकी अनन्य भक्ति को याद करते हुए उन्हें अगाध श्रद्धा और सम्मान के साथ स्मरण कर रहे हैं।
असंख्य अनुयायियों के लिए उनका जीवन और उपदेश आध्यात्मिक प्रेरणा व भक्ति का स्रोत रहे हैं। उनके गोलोकगमन पर भक्त प्रार्थना, स्मरण और श्रद्धांजलि के लिए एकत्रित हो रहे हैं।
वैष्णव समाज ने दी श्रद्धांजलि: वैष्णव संप्रदाय के भक्तों और सदस्यों ने अपनी हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए श्री हित प्रकाशचंद्र गोस्वामी जी महाराज को असीम आदर और निष्ठा से नमन किया है। उनके आध्यात्मिक विचार, पावन आशीर्वाद और सेवा भाव उन सभी लोगों की स्मृतियों में सदैव जीवंत रहेंगे, जिन्होंने उनके मार्गदर्शन को आत्मसात किया।
महाराज श्री के तिरोभाव पर शोकाकुल भक्तगण उनके अनुयायियों, शिष्यों और समूचे वैष्णव परिवार को इस गहन दुःख की घड़ी में संबल और आत्मिक शांति प्रदान करने की प्रार्थना कर रहे हैं।
