हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (HSCPCR) ने स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक गले में पहनाई जाने वाली टाई के उपयोग पर रोक लगाने की सिफारिश की है। आयोग का कहना है कि टाई कई बार बच्चों की सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकती है, इसलिए स्कूलों को वैकल्पिक और सुरक्षित यूनिफॉर्म अपनाने पर विचार करना चाहिए।
आयोग ने शिक्षा विभाग को भेजी अपनी सलाह में कहा है कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसी उद्देश्य से पारंपरिक टाई के स्थान पर सुरक्षित विकल्प अपनाने की सिफारिश की गई है। साथ ही स्कूलों से कहा गया है कि वे यूनिफॉर्म से जुड़े सुरक्षा मानकों की भी समीक्षा करें।
आयोग का मानना है कि छोटे बच्चों के साथ खेलते समय, बस में सफर के दौरान या अन्य गतिविधियों के दौरान गले में बंधी टाई दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए स्कूलों को ऐसी यूनिफॉर्म अपनानी चाहिए, जिससे किसी प्रकार की अनहोनी की आशंका कम हो।
हालांकि, यह फिलहाल एक सलाह (Advisory) है और इसे लेकर अंतिम निर्णय शिक्षा विभाग द्वारा लिया जाएगा। यदि विभाग इस सिफारिश को स्वीकार करता है, तो राज्य के सरकारी और निजी स्कूलों में यूनिफॉर्म संबंधी दिशा-निर्देशों में बदलाव किया जा सकता है।
