नई दिल्ली(राजीव शर्मा): राष्ट्रीय महिला आयोग ने ट्विशा शर्मा (33) की मौत के मामले में संज्ञान लेते हुए स्व-समूह कार्रवाई की और राज्य सरकार को सात दिनों के भीतर विस्तृत स्थिति रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
आयोग ने यह कदम मीडिया रिपोर्टों के बाद उठाया, जिनमें शर्मा के परिवार द्वारा पति समार्थ सिंह और उनकी मां गिरिजाबाला सिंह पर दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और शारीरिक दुर्व्यवहार का आरोप लगाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, शर्मा की मौत केवल पांच महीने के भीतर हुई शादी के बाद हुई, जिससे घटना के संदर्भ में गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मंगलवार को जारी एक संचार में आयोग की अध्यक्ष विजय राठकर ने राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
एनसीडब्ल्यू ने मामले में दर्ज प्राथमिकी (FIR) का विवरण, आरोपी के संबंध में पूछताछ और गिरफ्तारी की कार्यवाही, तथा कथित फरार समार्थ सिंह को ट्रेस करने के प्रयासों सहित एक कार्रवाई रिपोर्ट (Action Taken Report) मांगी है।
आयोग ने फोरेंसिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य से जुड़े जानकारी भी मांगी है, जिनमें सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और मामले से जुड़ी कोई पूर्व शिकायतें शामिल हैं। अधिकारियों से यह भी स्पष्ट करने के लिए कहा गया है कि क्या आरोपियों के पासपोर्ट जब्त करने के कदम उठाए गए हैं।
मामले को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए एनसीडब्ल्यू ने राज्य प्रशासन को निर्देश दिया कि जांच के दौरान ट्विशा के परिवार की किसी भी प्रकार की धमकी, दबाव या चरित्रहनन के प्रयासों से सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
आयोग ने कहा कि दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा के आरोपों वाले मामलों को संवेदनशील और कड़ाई से संभाला जाना चाहिए, और ऐसी जाँचों में लापरवाही या बाहरी प्रभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह मामला भोपाल में व्यापक सार्वजनिक ध्यान आकर्षित कर चुका है, और मामले में त्वरित कानूनी कार्रवाई व जवाबदेही की माँगें तेज हुई हैं।
