राज्यपाल ने युवा संगम के प्रतिनिधियों को राष्ट्रीय एकता के दूत बनने के लिए प्रोत्साहित किया

दिल्ली(राजीव शर्मा):तेलंगाना के राज्यपाल श्री शिव प्रताप शुक्ला ने 18 मई, 2026 को युवा संगम के अंतर्गत भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान तिरुपति में आए महाराष्ट्र के युवा प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की।

भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर) पुणे के नेतृत्व में यह प्रतिनिधिमंडल अंतर-राज्यीय समझ को मजबूत करने और पूरे भारत में युवाओं के बीच जुड़ाव बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित शैक्षणिक, सांस्कृतिक और अनुभवात्मक गतिविधियों की एक श्रृंखला में भाग ले रहा है।
छात्रों को संबोधित करते हुए श्री शिव प्रताप शुक्ला ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी के महत्व पर प्रकाश डाला और भारत की विविधतापूर्ण एकता को मजबूत करने में सांस्कृतिक समझ और अंतरराज्यीय सहयोग की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि युवा संगम जैसी पहल युवा नागरिकों को विभिन्न क्षेत्रों, संस्कृतियों और परंपराओं से जुड़ने के सार्थक अवसर प्रदान करती हैं, जिससे भावनात्मक एकीकरण और राष्ट्रीय सद्भाव को बढ़ावा मिलता है।

राज्यपाल ने जन से जन संपर्क को बढ़ावा देने और छात्रों को भारत की सांस्कृतिक समृद्धि और विकासात्मक उपलब्धियों का प्रत्यक्ष अनुभव कराने में युवा संगम की भूमिका की सराहना की। उन्होंने प्रतिनिधियों को राष्ट्रीय एकता के दूतों के रूप में आपसी सम्मान, ज्ञान और सहयोग की भावना को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।

अपनी यात्रा के दौरान, प्रतिनिधिमंडल ने आईआईटी तिरुपति के संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं, नव प्रवर्तकों और छात्रों के साथ बातचीत की और अत्याधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान, अकादमिक उत्कृष्टता और तकनीकी प्रगति से अवगत हुए। उन्होंने सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सामुदायिक सहभागिता गतिविधियों के माध्यम से दक्षिण भारत की जीवंत सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं का भी अनुभव किया।

शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शुरू किया गया युवा संगम का छठा चरण, गहन शैक्षिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक सद्भाव और भावनात्मक एकीकरण को मजबूत करने का प्रयास करता है। यह पहल 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिभागियों को एक साथ लाती है, जिससे भारत की विविधता, नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और राष्ट्र निर्माण की साझा आकांक्षाओं की गहरी समझ विकसित करने के मार्ग प्रशस्त होते हैं।

By Rajeev Sharma

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