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Aug
लुधियाणा(गुरप्रीत सिंह): सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इन्साफ मोर्चे द्वारा 21 अगस्त को पंजाब-व्यापी बंद के आह्वान पर लुधियाणा में मिलाजुला रुख सामने आया है। जहां शिरोमणि अकाली दल (SAD), वारिस पंजाब दे और निजी बस ऑपरेटरों ने समर्थन की घोषणा की है, वहीं कांग्रेस ने अभी तक कोई औपचारिक रुख नहीं अपनाया और जमहूरी किसान सभा ने खुद को तटस्थ रखने का फैसला किया है। वारिस पंजाब दे के नेता मैनप्रीत सिंह अयाली ने कहा कि उनका संगठन बंद के पीछे खड़ा रहेगा और सिख कैदियों की रिहाई की मांग को जायज़ बताया। उन्होंने सवाल…
