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Jul
जालंधर(गुरप्रीत सिंह): लंबे समय से देश के मशहूर भारोत्तोलकों में शुमार होने से पहले ही हरजिंदर कौर का जीवन परिश्रम, संकल्प और त्याग से भरा रहा है। पंजाब के मेहस गांव में पली-बढ़ी उन्होंने आर्थिक कठिनाइयों और अनगिनत बाधाओं को पार कर एक ऐसा करियर बनाया जिसने उनके परिवार और राष्ट्र दोनों का सिर गर्व से ऊँचा किया है। स्कूल की छात्रा रहते हरजिंदर प्रतिदिन गांव से नवाहा तक लगभग पांच किलोमीटर साइकिल चलाकर पढ़ने जाती थीं। यह सफर आसान नहीं था। उनके पिता साहिब याद करते हैं कि अक्सर उनकी साइकिल पंचर हो जाती थी, लेकिन वे कभी शिकायत…
