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नई दिल्ली(राजीव शर्मा):देशी मवेशियों के नस्लों के संरक्षण, उनकी संख्या बढ़ाने और आनुवंशिक सुधार की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। एकेडमिक डेयरी फार्म में, ‘ओवम पिक-अप’ और ‘इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (ओपीयू-आईवीएफ) तकनीक का उपयोग करके एक स्वस्थ बद्री बछिया का जन्म हुआ है। इसके लिए बद्री नस्ल के भ्रूण को साहीवाल नस्ल की गाय में प्रत्यारोपित किया गया था। इस बछिया का जन्म 11 सितंबर 2026 को हुआ। बद्री मवेशी उत्तराखंड का एक महत्वपूर्ण देशी आनुवंशिक संसाधन हैं और इन्हें उत्तराखंड का राज्य पशु माना जाता है। यह उपलब्धि करनाल स्थित आईसीएआर-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-एनडीआरआई) और उत्तराखंड…
