लखनऊ,(राजीव शर्मा):उत्तर प्रदेश सिख गुरुद्वारा कोऑर्डिनेशन कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आज हजरतगंज स्थित व्यंजन बैंक्विट हॉल में संपन्न हुई। इस बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों की गुरुद्वारा प्रबंधन समितियों और सिख सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान संगठन की नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई, जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ता सरदार परविंदर सिंह को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया।
नई कार्यकारिणी का गठन
बैठक में सर्वसम्मति से निम्नलिखित पदाधिकारियों और सदस्यों का चयन किया गया:
अध्यक्ष: सरदार परविंदर सिंह एडवोकेट
वरिष्ठ उपाध्यक्ष: सरदार गुरप्रीत सिंह दुआ (प्रबंधक, गुरुद्वारा साहिब मुरादाबाद)
उपाध्यक्ष: सरदार हरजीत सिंह (प्रबंधक, गुरुद्वारा साहिब गोंडा) एवं सरदार बलबीर सिंह (प्रबंधक, गुरुद्वारा बेला पहाड़ा लखीमपुर)
महामंत्री:
सरदार रमिंदर पाल सिंह रिंकू (प्रधान, गुरुद्वारा सरसैया घाट कानपुर)
सरदार मनदीप सिंह वालिया (प्रधान, गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा बहराइच)
सरदार उपकार सिंह (प्रबंधक, गुरुद्वारा पुंवाया शाहजहांपुर)
मंत्री:
सरदार महेंद्र सिंह छाबड़ा गोंडा
सरदार हरदीप सिंह (सदस्य, गुरुद्वारा साहिब सीतापुर)
सरदार सतनाम सिंह एवं सरदार हरदेव सिंह (प्रबंधक, गुरुद्वारा साहिब मकसूदापुर शाहजहांपुर)
सरदार सुखविंदर सिंह एवं सरदार महेंद्र सिंह (प्रबंधक, गुरुद्वारा साहिब अटसार मोहम्मदी)
मीडिया प्रमुख : सरदार अजीत सिंह सलूजा जी गोंडा
प्रचार मंत्री: सरदार कमलजीत सिंह (पीलीभीत)
धार्मिक प्रमुख (मनोनीत): ज्ञानी गुरमेज सिंह (मुख्य सेवादार, गुरुद्वारा साहिब बक्शी का तालाब)
कार्यकारिणी सदस्य: सरदार भूपेंद्र सिंह (गोंडा), सरदार सुखचैन सिंह (शाहजहांपुर), तथा लखनऊ के प्रतिष्ठित समाजसेवी सरदार हरप्रीत सिंह, सरदार चरणजीत सिंह होरा, सरदार कवंलजीत सिंह और सरदार तरनजीत सिंह।
संस्था के मुख्य उद्देश्य और कार्य
नवनियुक्त अध्यक्ष सरदार परविंदर सिंह एडवोकेट ने संस्था के गठन के उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि इस कोऑर्डिनेशन कमेटी का मुख्य लक्ष्य उत्तर प्रदेश की समस्त गुरुद्वारा प्रबंधन समितियों और सिख सामाजिक संस्थाओं के बीच आपसी समन्वय (तालमेल) स्थापित करना है।
संस्था मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्यों पर केंद्रित रहेगी:
समस्याओं का समाधान और जीवन स्तर में सुधार: उत्तर प्रदेश में रह रहे 35 लाख से अधिक सिखों को दैनिक व सामाजिक जीवन में आने वाली दिक्कतों में सहयोग करना और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना।
सरकारी योजनाओं की जानकारी: सिख गुरुद्वारा साहिब और अन्य सिख संस्थाओं तक सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी व हितकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना।
सामुदायिक संवाद: समाज के विभिन्न समुदायों के बीच आपसी संवाद और सद्भाव स्थापित करना।
संवैधानिक अधिकारों की रक्षा: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 से अनुच्छेद 30 के तहत अल्पसंख्यकों को दिए गए धार्मिक और भाषाई अधिकारों के संरक्षण में सहायता करना।
विधिक पैनल (Legal Panel) का गठन: सिखों के मानवाधिकारों की रक्षा के लिए सिख वकीलों का एक विशेष विधिक पैनल तैयार करना, जो जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता प्रदान करेगा।
सरदार परविंदर सिंह एडवोकेट सर्वसम्मति से बने अध्यक्ष, समर्थकों में खुशी की लहर
