फरीदाबाद में बीजेपी नेताओं की गाड़ियों को बुलेटप्रूफ बनाने के मामले में CM फ्लाइंग ने एक वर्कशॉप पर छापेमारी की। टीम ने कार्रवाई के दौरान वर्कशॉप में खड़ी स्कॉर्पियो और फॉर्च्यूनर समेत अन्य वाहनों की जांच की। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यहां वाहनों में बुलेटप्रूफ से जुड़ा काम किया जा रहा था। मामले में दस्तावेजों और वर्कशॉप की गतिविधियों की जांच की जा रही है।
CM फ्लाइंग को सूचना मिली थी कि फरीदाबाद में एक वर्कशॉप में नियमों का पालन किए बिना वाहनों को बुलेटप्रूफ बनाने का काम किया जा रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने वर्कशॉप पर पहुंचकर जांच शुरू की। छापेमारी के दौरान वहां मौजूद वाहनों को भी जांच के दायरे में लिया गया। इनमें स्कॉर्पियो और फॉर्च्यूनर शामिल थीं।
अधिकारियों ने वर्कशॉप में किए जा रहे काम से संबंधित दस्तावेज और अनुमति से जुड़े कागजात भी खंगाले। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि वाहनों में किस तरह के बदलाव किए जा रहे थे और इसके लिए संबंधित नियमों के तहत जरूरी अनुमति ली गई थी या नहीं। बुलेटप्रूफिंग के दौरान वाहन की मूल संरचना और सुरक्षा प्रणाली में बदलाव किए जाने की वजह से ऐसे काम के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी होता है।
जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों की ओर से यह भी पता लगाया जा रहा है कि वर्कशॉप में किन लोगों या संस्थानों के वाहनों पर काम किया जा रहा था। वर्कशॉप में मिली स्कॉर्पियो और फॉर्च्यूनर को भी जांच में शामिल किया गया है।
इस मामले में BJP नेताओं से जुड़े वाहनों का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, किसी वाहन का किसी राजनीतिक व्यक्ति से संबंध होना अपने आप में किसी अनियमितता का प्रमाण नहीं है। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि वाहनों में किए जा रहे बदलाव के लिए आवश्यक अनुमति और तकनीकी मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
CM फ्लाइंग की कार्रवाई के बाद संबंधित विभागों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित वाहन मालिकों और वर्कशॉप संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, यदि सभी दस्तावेज और अनुमति वैध पाए जाते हैं तो उसी आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होगी।
बुलेटप्रूफ वाहनों का इस्तेमाल आम तौर पर सुरक्षा संबंधी खतरे वाले लोगों द्वारा किया जाता है। हाल के समय में हरियाणा में आपराधिक घटनाओं और गैंगवार से जुड़े मामलों के बीच कई प्रभावशाली लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा होती रही है। सोनीपत में हाल ही में एक बुलेटप्रूफ स्कॉर्पियो पर फायरिंग की घटना सामने आई थी, जिसमें वाहन में सवार लोग सुरक्षित रहे थे।
फरीदाबाद में हुई इस कार्रवाई के बाद अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है। अधिकारियों की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वर्कशॉप में बुलेटप्रूफिंग का काम किस अनुमति के तहत किया जा रहा था और वाहनों में किए गए बदलाव नियमों के अनुरूप थे या नहीं।
