स्कूल शिक्षा के प्रदर्शन को लेकर जारी ताजा राष्ट्रीय रैंकिंग में पंजाब ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश में शीर्ष स्थान हासिल किया है। रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब ने शिक्षा की गुणवत्ता, बुनियादी ढांचे, विद्यार्थियों के प्रदर्शन और प्रशासनिक सुधारों जैसे विभिन्न मानकों पर बेहतर प्रदर्शन करते हुए केरल और दिल्ली जैसे राज्यों को पीछे छोड़ दिया।
रिपोर्ट में चंडीगढ़ ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) 2.0 में चंडीगढ़ देश का पहला राज्य/केंद्र शासित प्रदेश बना, जिसने सर्वोच्च ‘उत्तम’ श्रेणी हासिल की। यह उपलब्धि प्रशासन, आधारभूत सुविधाओं और शिक्षक प्रशिक्षण में सुधार के कारण मिली, हालांकि सीखने के परिणाम (Learning Outcomes) में सुधार स्थिर रहा।
पंजाब सरकार ने इस उपलब्धि का श्रेय सरकारी स्कूलों में किए गए सुधारों, आधुनिक सुविधाओं, शिक्षक प्रशिक्षण, स्कूल ऑफ एमिनेंस, विद्यार्थियों के लिए बेहतर शिक्षण वातावरण और शिक्षा क्षेत्र में किए गए निवेश को दिया है। सरकार का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए गए हैं, जिनका सकारात्मक असर अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई दे रहा है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि शिक्षा के क्षेत्र में राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है और विभिन्न राज्य स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए नई पहल कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा में सुधार की यह प्रतिस्पर्धा विद्यार्थियों के भविष्य के लिए सकारात्मक साबित होगी।
