दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास की ओर निकाले गए कांग्रेस के विरोध मार्च के दौरान पंजाब के कई कांग्रेस सांसदों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सांसद राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों के नेताओं और सांसदों ने कथित छात्र उत्पीड़न और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को पीएम आवास की ओर बढ़ने से रोक दिया और कई नेताओं को हिरासत में लिया।
प्रदर्शन में पंजाब से जुड़े कांग्रेस सांसदों ने भी सक्रिय भागीदारी की और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि छात्रों से जुड़े मुद्दों और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर सरकार जवाबदेह बने। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड्स पार करने से रोका और कई नेताओं को एहतियातन हिरासत में लिया। कुछ समय बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया, जबकि पुलिस ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया।
कांग्रेस ने संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो विरोध प्रदर्शन आगे भी जारी रहेंगे। इस घटनाक्रम के बाद राष्ट्रीय राजनीति में इसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है।
