चंडीगढ़(बलविंदर सिंह): हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि आमजन की सेवा करना प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की पहली जिम्मेदारी है। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ करें तथा किसी भी कार्य के लिए कार्यालय आने वाले नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करते हुए उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगवाना, बल्कि समयबद्ध तरीके से न्याय और राहत प्रदान करना है।
शिक्षा मंत्री आज सोनीपत लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित जिला परिवाद एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों से संबंधित 16 शिकायतों की एक-एक कर गंभीरता से सुनवाई की। इनमें से 8 शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर संबंधित शिकायतकर्ताओं को राहत प्रदान की गई, जबकि शेष 8 मामलों में संबंधित विभागों के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मंत्री ने 5 शिकायतों के निवारण के लिए विधायकों की अध्यक्षता में कमेटी नियुक्त की ताकि जल्द से जल्द शिकायतों का निवारण हो सके।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों पर कार्य कर रही है। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक को सरल, सुलभ और समयबद्ध प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे जनसमस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और जनता के विश्वास को मजबूत बनाने के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करें।
इस अवसर पर विधायक राई कृष्णा गहलावत, विधायक सोनीपत निखिल मदान, विधायक खरखौदा पवन खरखौदा, जिला परिषद की चेयरपर्सन मोनिका दहिया, पुलिस आयुक्त ममता सिंह, उपायुक्त नेहा सिंह, नगर निगम आयुक्त हर्षित कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त अजय चोपड़ा सहित संबंधित सभी अधिकारी मौजूद रहे।
