प्रधानमंत्री ने सच्चे ज्ञान की परिवर्तनकारी शक्ति को दर्शाने वाले संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया

नई दिल्ली (राजीव शर्मा):प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि सच्चा ज्ञान देश, समाज और पूरी मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि हमारा ज्ञान और कार्य संपूर्ण मानव जाति के लिए प्रेरणा का स्रोत बनें।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया-

“आत्मा शुद्धः सदा नित्यः सुखरूपः स्वयम्प्रभः।
अज्ञानान्मलिनो भाति ज्ञानाच्छुद्धो भवत्ययम्‌।।”

आत्‍मा स्‍वभाव से सदा शुद्ध, नित्‍य, सुख स्‍वरूप और स्‍वयं प्रकाशमान है। किन्‍तु अज्ञान के कारण वह मलिन प्रतीत होती है और ज्ञान से वहीं पुन: अपने शुद्ध स्‍वरूप में प्रकट हो जाती है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

“सच्चा ज्ञान देश, समाज और समस्त मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। इसलिए यह आवश्‍यक है कि हमारा ज्ञान और हमारे कर्म पूरी मानवता के लिए प्रेरणा बनें।

आत्मा शुद्धः सदा नित्यः सुखरूपः स्वयम्प्रभः।
अज्ञानान्मलिनो भाति ज्ञानाच्छुद्धो भवत्ययम्‌।।

By Rajeev Sharma

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