चंडीगढ़(बलविंदर सिंह): हरियाणा के खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए खेल सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में खेल स्टेडियमों के सुदृढ़ीकरण एवं सुधारीकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा फिलहाल 114 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग द्वारा इस राशि के माध्यम से विभिन्न खेल स्टेडियमों में आवश्यक सुधार एवं विकास कार्य करवाए जा रहे हैं।
खेल राज्य मंत्री शुक्रवार को जींद के डीआरडीए सभागार में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभिन्न विभागों से संबंधित परिवादों की सुनवाई कर रहे थे। बैठक में 13 शिकायतें एवं परिवाद समाधान के लिए रखे गए, जिनमें से 11 शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया गया। शेष परिवादों के संबंध में संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
खेल राज्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने के लिए उचित अवसर मिलें। प्रदेश सरकार द्वारा खिलाड़ियों के हित में विभिन्न जनकल्याणकारी एवं खेल नीतियां लागू की जा रही हैं, ताकि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। समिति की बैठकों में नागरिक अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखते हैं और संबंधित विभागों के अधिकारियों से उनकी स्थिति एवं समाधान की जानकारी ली जाती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समिति के समक्ष आने वाले प्रत्येक परिवाद का गंभीरता से अध्ययन किया जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए।
खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि सभी विभागों की यह सामूहिक जिम्मेदारी है कि किसी भी नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। जनहित से जुड़े मामलों को अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर लें तथा शिकायतों के समाधान में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करें।
उन्होंने कहा कि शिकायतों का समयबद्ध समाधान होने से आमजन को राहत मिलेगी और प्रशासन के प्रति उनका विश्वास और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समिति की आगामी बैठक से पहले लंबित मामलों की प्रगति रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों का समाधान विभागीय स्तर पर संभव है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और शिकायतकर्ता को भी कार्रवाई की स्थिति से अवगत करवाया जाए।
बैठक में डीसी डॉ. वैशाली शर्मा, पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह, समाज कल्याण बोर्ड के चेयरमैन कैप्टन योगेश बैरागी, तेजेन्द्र ढूल, एसडीएम उचाना सुमन यादव, डीएमसी अनिल दून, एसडीएम जींद सत्यवान सिंह मान और एसडीएम नरवाना जगदीश चन्द्र सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व समिति के गैर- सरकारी सदस्य मौजूद रहे।
