चंडीगढ़(गुरप्रीत सिंह): मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को कहा कि जेलों में लंबे समय से बंद सिख कैदियों का लंबित मुद्दा अनिश्चितकाल तक अनसुलझा नहीं रहने दिया जा सकता। उन्होंने बंदी सिंह इंसाफ मोर्चा द्वारा गठित चार सदस्यीय समिति को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इस मुद्दे के शीघ्र समाधान के लिए सभी संभावित कानूनी और संवैधानिक कदम उठाएगी।
चार सदस्यीय समिति में गुरदीप सिंह बठिंडा, एडवोकेट जसपाल सिंह मंझपुर, पाल सिंह फ्रांस और बलविंदर पाल सिंह शामिल हैं। समिति के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस मुद्दे पर वर्षों पहले उठाए जाने वाले वैध कदम, जो नहीं उठाए गए, अब प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार न्याय के साथ मजबूती से खड़ी है।

‘एक्स’ पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बंदी सिंह इंसाफ मोर्चा द्वारा गठित चार सदस्यीय समिति के साथ मेरी महत्वपूर्ण बैठक हुई। समिति में सरदार गुरदीप सिंह बठिंडा, एडवोकेट जसपाल सिंह मंझपुर, सरदार पाल सिंह फ्रांस और सरदार बलविंदर पाल सिंह शामिल थे। मैंने बंदी सिंहों की रिहाई को लेकर समिति के सदस्यों के विचार और अपील को ध्यानपूर्वक सुना। मैंने समिति को आश्वासन दिया कि पंजाब सरकार इस मुद्दे का जल्द से जल्द उचित समाधान खोजने के लिए प्रतिबद्ध है। पंजाब सरकार उन वैध और कानूनी कदमों को प्राथमिकता के आधार पर उठाएगी, जिन्हें पिछली सरकारें वर्षों तक उठाने में विफल रहीं, ताकि इस मामले का जल्द समाधान हो सके। पंजाब सरकार हमेशा न्याय के साथ मजबूती से खड़ी रही है। इंकलाब जिंदाबाद।”
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैंने बंदी सिखों की रिहाई को लेकर उनके विचार और अपील को ध्यानपूर्वक सुना। देशभर की विभिन्न जेलों में सजा पूरी होने के बाद भी बंद सिख कैदियों का मुद्दा अनिश्चितकाल तक अनसुलझा नहीं रहने दिया जा सकता। यह सभी के लिए भावनात्मक और संवेदनशील मुद्दा है। मैंने समिति को आश्वासन दिया है कि पंजाब सरकार इस मामले का उचित और शीघ्र समाधान कराने के लिए उपलब्ध हर वैध, कानूनी और संवैधानिक माध्यम का इस्तेमाल करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “कई वर्षों से इस मुद्दे से जुड़े कई वैध कदम लंबित रहे, जबकि लगातार बनी रही सरकारें उन्हें उठाने की स्थिति में थीं। जो कदम वर्षों पहले उठाए जाने चाहिए थे, लेकिन नहीं उठाए गए, उन्हें अब प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।”
उन्होंने कहा, “हम ये कदम संविधान और कानून के दायरे में रहकर उठाएंगे। यह मुद्दा न्याय, मानवता और उन लोगों के अधिकारों से जुड़ा है, जो पहले ही लंबे समय तक कारावास भुगत चुके हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार संवैधानिक और कानूनी ढांचे का पूरा सम्मान करते हुए इस मामले को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ देखेगी। बंदी सिखों के मुद्दे का सार्थक और शीघ्र समाधान खोजने के लिए हम कानून और संविधान के दायरे में हर संभव प्रयास करेंगे।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कानूनी तरीकों से न्याय सुनिश्चित करने की बात आने पर मेरी सरकार कठिन, लेकिन आवश्यक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी। पंजाब सरकार हमेशा न्याय के साथ मजबूती से खड़ी रही है और लोकतांत्रिक, संवैधानिक तथा कानूनी माध्यमों से पंजाब के लोगों से जुड़े हर वैध मुद्दे के समाधान की दिशा में काम करती रहेगी।”
