शाहजहांपुर (गुरप्रीत सिंह): उत्तर प्रदेश सिख गुरुद्वारा कोऑर्डिनेशन कमेटी के तत्वावधान में आज बरेली मंडल एवं लखनऊ मंडल की एक विशाल संयुक्त बैठक गुरुद्वारा साहिब कार सेवा, बंडा (शाहजहांपुर) में गरिमामय माहौल में संपन्न हुई। बैठक में शाहजहांपुर, पीलीभीत, बरेली, बदायूं, हरदोई और लखीमपुर खीरी जिलों के विभिन्न नगरों, तहसीलों व ब्लॉकों की गुरुद्वारा प्रबंधन समितियों और सिख सामाजिक संगठनों के 500 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता सरदार परविंदर सिंह ने की, जबकि मंच संचालन दशमेश अकादमी के प्रबंधक सरदार बलदेव सिंह द्वारा किया गया
समन्वय और अधिकारों की रक्षा मुख्य लक्ष्य
बैठक को संबोधित करते हुए संस्था के अध्यक्ष सरदार परविंदर सिंह एडवोकेट ने कमेटी के गठन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ”संस्था का मुख्य ध्येय उत्तर प्रदेश की विभिन्न गुरुद्वारा साहिब प्रबंधन समितियों और सिख सामाजिक संस्थाओं के बीच आपसी समन्वय स्थापित करना है। हमारा प्रयास प्रदेश में निवास कर रहे 35 लाख से अधिक सिखों को उनके दैनिक सामाजिक जीवन में आ रही समस्याओं में सहयोग करना और उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाना है।”
उन्होंने आगे कहा कि कमेटी सिखों को सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने, विभिन्न समुदायों के बीच आपसी संवाद स्थापित करने और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 से 30 के तहत मिले धार्मिक व भाषाई अल्पसंख्यकों के अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। सिखों के मानवाधिकारों की रक्षा के लिए जल्द ही सिख अधिवक्ताओं का एक मजबूत विधिक पैनल (Legal Panel) तैयार किया जाएगा, जो समाज को कानूनी सहायता देगा। साथ ही सिखों को उचित राजनीतिक और सामाजिक प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए भी प्रयास तेज किए जाएंगे।


एकता और एकजुटता पर बल
कोऑर्डिनेशन कमेटी के महामंत्री सरदार मनदीप सिंह वालिया ने समाज की एकजुटता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में सिखों की आंतरिक एकता और सामूहिक शक्ति ही समाज को आगे ले जा सकती है।
इन प्रमुख क्षेत्रों और विभूतियों की रही उपस्थिति
बैठक में शाहजहांपुर नगर व जिले की तहसीलों के अलावा पूरनपुर, बीसलपुर, बिलसंडा, मझोला, कजरी, निरंजनपुर, बरेली महानगर, नवाबगंज, लखीमपुर, पलिया, महंगापुर, मोहम्मदी, भीरा और मैगलगंज आदि क्षेत्रों से भारी संख्या में सिख प्रतिनिधि पहुंचे।
मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
सरदार उपकार सिंह (गुरुद्वारा साहिब पुवायां), सरदार अवतार सिंह राय (गुरुद्वारा साहिब डेरा संतगढ़ भीरा), सरदार सरबजीत सिंह (प्रबंधक, गुरुद्वारा साहिब महंगापुर पलिया), सरदार सुखविंदर सिंह (गुरुद्वारा साहिब अटसार मोहम्मदी), सरदार जसवंत सिंह (प्रधान, गुरुद्वारा बिजुआ लखीमपुर), ज्ञानी शेर सिंह जी (गुरुद्वारा छठी पातिशाही पीलीभीत), सरदार जोरावर सिंह (खालसा मानवता संस्थान बरेली), सरदार गुरमीत सिंह (प्रबंधक, गुरुद्वारा साहिब नवाबगंज बरेली), ज्ञानी सुखदेव सिंह जी गुरुद्वारा साहिब भगत धन्ना जी पीलीभीत,सरदार सुखदेव सिंह, समाज सेवी सरदार अजायब सिंह, सरदार जगवंत सिंह, सरदार बलबीर सिंह कुंडा फॉर्म , सरदार सुखराज सिंह संधू, सरदार कमलजीत सिंह, सरदार जसविंदर सिंह सोनू, सरदार जसपाल सिंह जी, सरदार प्रकाश सिंह जी, ज्ञानी गुरप्रीत सिंह जी, ज्ञानी गुरचित सिंह जी और सरदार बलदेव सिंह कोचर समेत सैकड़ों की संख्या में संगत उपस्थित रही।।
