पुद्दुचेरी में निवेश, विनिर्माण और रोजगार में तेजी आने की संभावना

नई दिल्ली (राजीव शर्मा): सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश पुद्दुचेरी में दो नए विशेष आर्थिक क्षेत्रों- एसईजेड अधिसूचित किए है। वाणिज्य विभाग के अंतर्गत एसईजेड के लिए गठित अनुमोदन बोर्ड ने 27 फरवरी, 2026 को आयोजित अपनी 137वीं बैठक में इन प्रस्तावों को स्‍वीकृति दी। बोर्ड ऑफ अप्रवूल – अनुमोदन बोर्ड भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत गठित सर्वोच्च अंतर-मंत्रालयी निकाय है जिसका मुख्य कार्य भारत में विशेष आर्थिक क्षेत्रों की स्थापना, विकास और संचालन से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी देना और एकल खिड़की निकासी प्रदान करना है।

विशेष आर्थिक क्षेत्र परियोजनाएं देश के औद्योगिक आधार मजबूत बनाने, निर्यात बढ़ाने और रणनीतिक क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की दिशा में सरकार के निरंतर प्रयासों की दिशा में निर्णायक कदम हैं। अनुमोदन बोर्ड की स्वीकृति पुडुचेरी की औद्योगिक और निर्यात-आधारित विकास के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इन परियोजनाओं से निवेश, विनिर्माण और उच्च गुणवत्ता संबंधी रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है।

इन दो एसईजेड में से एक सूचना प्रौद्योगिकी/सूचना प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाएं एसईजेड का विकास औलगेरेट नगर पालिका, औलगेरेट तालुक के थट्टनचावडी गांव में करेगी। देश का यह पहला एसईजेड होगा जिसका विकास किसी शहरी स्थानीय निकाय द्वारा किया जाएगा। दूसरा बहु-क्षेत्रीय एसईजेड है जिसे पुडुचेरी औद्योगिक संवर्धन विकास एवं निवेश निगम (पीआईपीडीआईसी) विल्लियनूर तालुक के करासुर गांव में विकसित करेगा।

इन दोनों विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड) का संक्षिप्त विवरण निम्नानुसार है:

क्रमांक

संस्था

एसईजेड का प्रस्तावित स्थान

भूमि क्षेत्र (हेक्टेयर में)

प्रस्तावित निवेश ( करोड़ रूपये)

प्रस्तावित रोजगार (प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष)

संचालन क्षेत्र

1

मेसर्स औलगेरेट नगर पालिका

थट्टानचावडी गांव, औलगेरेट तालुक, पुद्दुचेरी

8.6230

725

3500

आईटी/आईटीईएस

2

पुडुचेरी औद्योगिक संवर्धन विकास एवं निवेश निगम

करासुर गांव, विल्लियानूर तालुक, पुद्दुचेरी

86.2457

1250

5000

बहुक्षेत्रीय

ये परियोजनाएं तमिलनाडु, अंडमान और पुद्दुचेरी (टीएपी) क्षेत्र के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र में तेज गति को दर्शाती हैं, जहां विविध क्षेत्र और बड़े स्‍तर की परियोजनाएं रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक विकास में योगदान दे रही हैं।

ये एसईजेड अधिसूचनाएं व्यापक रणनीति दर्शाती हैं जिसका उद्देश्य विविध विशेष आर्थिक क्षेत्र आधारित विकास द्वारा भारत के औद्योगिक, प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और सेवा पारितंत्र को सुदृढ बनाना है, जिससे अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार उत्‍पन्‍न करने के लिए स्थिति अनुकूलता और व्‍यापकता बढ़ाई जा सके।

By Rajeev Sharma

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