भारत के राफेल ऑस्ट्रेलिया रवाना, दुनिया के सबसे बड़े वायु युद्धाभ्यास में लेंगे हिस्सा

नई दिल्ली(राजीव शर्मा): भारतीय वायु सेना (IAF) ने अपने राफेल लड़ाकू विमानों को ऑस्ट्रेलिया भेजा है ताकि वे Exercise Pitch Black 2026 में भाग ले सकें, जो दुनिया के सबसे बड़े बहुराष्ट्रीय वायु युद्धाभ्यासों में से एक है। यह अभ्यास 20 देशों की वायु सेनाओं को एक साथ लाएगा और इसका उद्देश्य सैन्य सहयोग मजबूत करना, लड़ाकू तत्परता में सुधार करना और साथी राष्ट्रों के बीच इंटरऑपरेबिलिटी (interoperability) बढ़ाना है।

यह अभ्यास 20 जुलाई से 17 अगस्त तक उत्तरी ऑस्ट्रेलिया में आयोजित होगा, और Darwin, Tindal तथा Amberley वायु अड्डों से संचालन होंगे। उच्च-तीव्रता वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम में 100 से अधिक सैन्य विमान और लगभग 2,500 रक्षा कर्मी भाग लेने की उम्मीद है।

भारत के दल में चार राफेल लड़ाकू विमान, दो C-17 ग्लोबमास्टर परिवहन विमान और 120 से अधिक वायु सेना कर्मी शामिल हैं। विमान शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया पहुंचे, जिससे तीन सप्ताह के इस अभ्यास में भारत की भागीदारी की शुरुआत हुई।

एक बयान में भारतीय वायु सेना ने कहा कि यह बहुराष्ट्रीय अभ्यास मित्रवत वायु सेनाओं के साथ परिचालन सहयोग मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। इसमें कहा गया कि यह अभ्यास समन्वय सुधारने, सामरिक ज्ञान का आदान-प्रदान करने और यथार्थवादी युद्ध परिदृश्यों में संयुक्त परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने में मदद करेगा।

अभ्यास की मेज़बानी कर रही रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स (RAAF) ने Pitch Black को अपना सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय वायु युद्ध अभ्यास बताया। ऑस्ट्रेलियाई रक्षा अधिकारियों के अनुसार, यह आयोजन जटिल लड़ाकू स्थितियों का अनुकरण करने के लिए डिजाइन किया गया है, जो प्रतिभागी राष्ट्रों को मांगलिक परिचालन परिस्थितियों में एक साथ प्रशिक्षण करने की अनुमति देता है।

ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह अभ्यास क्षेत्रीय और वैश्विक रक्षा भागीदारीयों को बेहतर बनाने में एक प्रमुख भूमिका निभाता है क्योंकि यह भाग लेने वाले देशों को भविष्य के मिशनों और मानवीय अभियानों के दौरान निर्बाध रूप से संचालन करने में सक्षम बनाता है।

इस वर्ष के संस्करण में ऑस्ट्रेलिया, भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया, थाईलैंड, फिलीपीन्स और पापुआ न्यू गिनी सहित कई देश भाग ले रहे हैं। कनाडा, न्यूजीलैंड, मलेशिया, ब्रुनेई, फीजी, फिनलैंड और स्वीडन के सैन्य कर्मी भी अभ्यास में योगदान देंगे।

अभ्यास कमांडर एयर कमोडोर मैथ्यू मैककॉर्मैक ने कहा कि Pitch Black उन्नत बहुराष्ट्रीय वायु युद्ध प्रशिक्षण के लिए एक प्रमुख मंच बन गया है। उन्होंने कहा कि यह अभ्यास साथी देशों को यथार्थवादी और चुनौतीपूर्ण परिदृश्यों के माध्यम से एक साथ योजना बनाने, संचालन करने और सीखने की अनुमति देता है, साथ ही पिछले संस्करणों से प्राप्त परिचालन सबक पर भी कार्य करने का अवसर देता है।

भारतीय दल का स्वागत करते हुए ऑस्ट्रेलिया में भारतीय उच्चायोग ने राफेल लड़ाकू विमानों और C-17 विमानों के Darwin पहुंचने को रेखांकित किया और कहा कि भारत की भागीदारी दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम है। यह मिशन युद्ध उड़ान कौशल को सुधारने, परिचालन समन्वय को गहरा करने और भाग लेने वाले देशों के बीच दीर्घकालिक सामरिक साझेदारियों को सुदृढ़ करने की उम्मीद रखता है।

Exercise Pitch Black 2026 में भारत की भागीदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उसके बढ़ते रक्षा जुड़ाव और क्षेत्रीय सुरक्षा, स्थिरता तथा सामूहिक तैयारियों को बढ़ावा देने के लिए मित्र राष्ट्रों के साथ घनिष्ठ रूप से काम करने की उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

By Rajeev Sharma

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