नई दिल्ली(राजीव शर्मा): भारतीय नौसेना में पूर्वी बेड़े के फ्लैग ऑफिसर रियर एडमिरल आलोक आनंद के कमान नेतृत्व में युद्धपोत आईएनएस उदयगिरि, कवरत्ती और शक्ति 29 जून, 2026 को थाईलैंड के सट्टाहीप बंदरगाह पर अपना निर्धारित प्रवास पूरा करने के बाद दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में अपनी आगामी परिचालन तैनाती के लिए रवाना हो गए हैं।
यह यात्रा दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ भारत की सतत सहभागिता का हिस्सा थी। इसने भारत व थाईलैंड के बीच लंबे समय से चले आ रहे समुद्री सहयोग एवं रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ किया।
दोनों देशों की नौसेनाओं के वरिष्ठ नेतृत्व के बीच हुई चर्चाओं का मुख्य केंद्र द्विपक्षीय नौसैनिक सहयोग को और सुदृढ़ करना था। जिसका उद्देश्य आपसी सहभागिता के साथ तालमेल बढ़ाना और समुद्री सुरक्षा से जुड़े साझा हितों एवं क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाना था।
इस यात्रा के दौरान भारतीय नौसेना के जहाजों ने रॉयल थाई नेवी के साथ पेशेवर आदान-प्रदान, परिचालन संबंधी विचार-विमर्श तथा खेलकूद गतिविधियों में भाग लिया।
सट्टाहीप बंदरगाह पर प्रवास के दौरान आईएनएस उदयगिरि और आईएनएस कवरत्ती पर एक स्वागत समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर थाईलैंड में भारत के राजदूत, रॉयल थाई नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी, राजनयिक समुदाय के प्रतिनिधि तथा भारतीय समुदाय के प्रमुख सदस्यों ने भाग लिया।
यह तैनाती भारत के महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा एवं विकास के लिए आपसी और समग्र उन्नति) दृष्टिकोण को आगे बढ़ाती है, जो एक एकजुट समुद्री समुदाय को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। यह सामूहिक समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय साझेदारियों और नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था के प्रति भारतीय नौसेना की कर्तव्यबद्धता को भी प्रदर्शित करती है। साथ ही, यह भारत और थाईलैंड के बीच गहरे समुद्री सहयोग, पारस्परिक विश्वास, मैत्रीपूर्ण संबंधों तथा दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को दर्शाती है।
