हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने पुलिस कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया के तहत चल रहे फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट (PST) और फिजिकल मेजरमेंट टेस्ट (PMT) को अधिक पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। आयोग अब इन परीक्षाओं में रियल-टाइम रिजल्ट सिस्टम और डिजिटल मॉनिटरिंग को और मजबूत कर रहा है, जिससे पूरी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी लाई जा सके।
जानकारी के अनुसार, HSSC का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उम्मीदवारों के शारीरिक परीक्षण के परिणाम तुरंत और बिना किसी देरी के अपडेट हों, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या विवाद की संभावना खत्म हो सके। इसके लिए आधुनिक तकनीक और ऑटोमेटेड सिस्टम का उपयोग बढ़ाया जा रहा है, जिसमें उम्मीदवारों की एंट्री से लेकर उनके फिजिकल टेस्ट के रिकॉर्ड तक हर चरण को डिजिटल रूप से ट्रैक किया जा रहा है।
आयोग ने हाल के महीनों में पुलिस कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया में कई सुधार लागू किए हैं। इनमें बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, आधार आधारित पहचान, और हाई-टेक माप उपकरणों का इस्तेमाल शामिल है, जिससे उम्मीदवारों की पहचान और शारीरिक माप में पूरी सटीकता सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा, उम्मीदवारों की गतिविधियों की निगरानी के लिए RFID और सेंसर-आधारित सिस्टम भी अपनाए जा रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और किसी भी तरह की धांधली या फर्जीवाड़े की संभावना को समाप्त करना है। इससे उम्मीदवारों को भी तुरंत अपने प्रदर्शन की जानकारी मिलती है और उन्हें अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ता।
HSSC की पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2026 में हजारों पदों पर चयन प्रक्रिया चल रही है, जिसमें PST और PMT को महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। इन फिजिकल टेस्ट्स में सफल उम्मीदवारों को आगे लिखित परीक्षा, दस्तावेज़ सत्यापन और मेडिकल टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा।
आयोग लगातार यह दावा कर रहा है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाया जा रहा है ताकि योग्य उम्मीदवारों को ही अवसर मिल सके। हाल के समय में उठाए गए इन कदमों को भर्ती प्रणाली में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, HSSC की यह पहल न केवल भर्ती प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बना रही है, बल्कि उम्मीदवारों का भरोसा भी बढ़ा रही है कि चयन पूरी तरह योग्यता के आधार पर होगा।
