हरियाणा में अयोध्या राममंदिर जैसा दान चोरी का मामला:माता मंदिर से ज्वेलरी चोरी, पूर्व CCTV प्रभारी के घर से मिले; गुंबद में लगा है 52KG सोना

हरियाणा के भिवानी में भी अयोध्या के राम मंदिर जैसा ही दान चोरी करने का मामला सामने आया है। मामला जिले के प्रसिद्ध महाभारतकालीन पहाड़ी माता मंदिर से जुड़ा है, जिसके एक कर्मचारी के घर से 13 तोले सोना और डेढ़ किलो चांदी बरामद हुई है। वर्तमान मार्केट रेट के हिसार से इस ज्वेलरी की कीमत करीब 23 लाख रुपए है।

खास बात यह है कि 17 साल से इस मंदिर का संचालन प्रशासन के पास है। प्रशासन ही इसकी देखरेख कर रहा है। मामले की शिकायत एक ग्राामीण नरेश ने डीसी से की थी, जिसकी जांच अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) द्वारा की जा रही है। जिस कर्मचारी पर चोरी का आरोप लगाया गया है, वह मंदिर में सीसीटीवी प्रभारी और सुपरवाइजर की जिम्मेदारी संभाल चुका है।

मामला सामने आने के बाद उसे करीब तीन-चार माह पहले हटाया दिया गया था। मगर, अब ग्रामीण नरेश का कहना है कि उस पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। इस संबंध में पुलिस का कहना है कि मामले की जांच उच्च स्तर पर चल रही है। जो भी कार्रवाई होनी, अधिकारियों के आदेश पर ही होगी।

पहाड़ी माता मंदिर के पुजारी सुरेंद्र शास्त्री के मुताबिक, यह मंदिर मां सती का शक्ति स्वरूप शक्ति पीठ है। 400 फीट ऊंची पहाड़ी पर बने मंदिर के गुंबद में करीब 52 किलो सोना लगा हुआ है। मंदिर की दीवारें, छत, दरवाजे आदि पर भी सोने और चांदी लगी हुई है, जो इसकी भव्यता को दर्शाती है।

वायरल वीडियो में पूर्व कर्मचारी के घर से मिला सामान।

वायरल वीडियो में पूर्व कर्मचारी के घर से मिला सामान।

शिकायतकर्ता नरेश ने बताई चोरी प्रकरण पर ये बातें….

  • आरोपी सीसीटीवी प्रभारी एवं मंदिर सुपरवाइजर रहा : शिकायतकर्ता नरेश कुमार ने बताया कि जिस कर्मचारी आशीष पर चोरी का आरोप है, वह पहले सफाई कर्मचारी था। इसके बाद हटा दिया गया था। 2009 में मंदिर का संचालन प्रशासन के पास जाने के बाद आरोपी को सीसीटीसी का प्रभारी बना दिया गया। इसके बाद उसे मंदिर का सुपरवाइजर बना दिया गया। आरोप है कि इसी दौरान वह मंदिर से सामान और ज्वेलरी चोरी कर ले गया।
  • घर से 13 तोले सोना और डेढ़ किलो चांदी मिली : नरेश कुमार के मुताबिक, उसने शक होने पर मामले की शिकायत डीसी से की। डीसी ने इस मामले की जांच एडीसी को सौंपी। जांच के दौरान आरोपी के घर पुलिस ने छापा मारा। लोहारू थाना प्रभारी मुरारी लाल ने बताया कि आरोपी आशीष के घर से करीब 13 तोले सोना और करीब डेढ़ किलो चांदी मिली है। वर्तमान मार्केट रेट के हिसार से इस ज्वेलरी की कीमत करीब 23 लाख रुपए है।
  • मामले को दबाने का लगातार प्रयास हो रहा : शिकायतकर्ता नरेश कुमार पहाड़ी ने आरोप लगाया कि इस प्रकरण को उठाने के बाद उन पर मामले को दबाने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। कुछ लोग फोन कॉल और व्यक्तिगत मुलाकातों के माध्यम से उन्हें मामले से पीछे हटने के लिए कह रहे हैं। उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और सुरक्षा उपलब्ध करवाने की मांग की।
शिकायतकर्ता नरेश कुमार ने बताया कि प्रशासन इस मामले में जांच कर रहा है।

शिकायतकर्ता नरेश कुमार ने बताया कि प्रशासन इस मामले में जांच कर रहा है।

अब मामले में 30 जून को होगी सुनवाई

नरेश ने बताया कि पहाड़ी माता मंदिर में कथित आभूषण चोरी प्रकरण से जुड़े मामले की सुनवाई एडीसी कर रहे हैं। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता नरेश पहाड़ी और पहाड़ी माता ट्रस्ट के खजांची प्यारेलाल उपस्थित हुए थे, जिनके बयान दर्ज किए गए। हालांकि दूसरे पक्ष के उपस्थित नहीं होने के कारण मामले की अगली सुनवाई अब 30 जून को निर्धारित की गई है।

बताया कि अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय की ओर से 22 जून को जारी पत्र के माध्यम से मंदिर से जुड़े पक्षों को कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समय पर शिकायतकर्ता पक्ष कार्यालय पहुंचा और अपने बयान दर्ज करवाए।

भिवानी के पहाड़ी माता मंदिर में पहुंचा शिकायतकर्ता नरेश कुमार पूजा करते हुए।

भिवानी के पहाड़ी माता मंदिर में पहुंचा शिकायतकर्ता नरेश कुमार पूजा करते हुए।

पहले जानिए पहाड़ी मंदिर का इतिहास जानिए…

  • पांडवों ने अज्ञातवास में यहां शरण ली थी : पौराणिक मान्यता के अनुसार मां सती का शक्ति स्वरूप शक्ति पीठ है। इस पहाड़ी पर माता सती की नथ गिरी थी, जिसके बाद में इस पवित्र स्थान को पहाड़ी माता के नाम से पूजा जाने लगा। बताते है कि महाभारतकाल में पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान इस पहाड़ी पर शरण ली थी और माता के दर्शन किए थे। उन्होंने 6 माह तक मां के चरणों में सेवा की थी। दिल्ली के तोमर वंश के राजा भी माता के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आते थे। ऊंचे पहाड़ पर होने की वजह से पहाड़ी मंदिर नाम से विख्यात : पहाड़ी माता मंदिर के पुजारी सुरेंद्र शास्त्री के मुताबिक, मंदिर करीब 6000 वर्ष पुराना बताया जाता है। गांव पहाड़ी में 400 फीट ऊंचे पहाड़े पर स्थित होने की वजह से इसकी पहाड़ी माता के मंदिर के नाम से पहचान है। यह गांव जिला हेड क्वार्टर भिवानी से 57 किलोमीटर दूर लोहारू हलके में स्थित है। नवरात्रों में देश विदेश से यहां श्रद्धालु आते हैं।
  • पैदल जत्थे के रूप में होते हैं पहाड़ी माता के दर्शन : माता रानी को यहां कुलदेवी के रूप में पूजा जाता है। हजारों श्रद्धालु प्रत्येक वर्ष नवरात्रों के समय अलग-अलग राज्यों से पैदल जत्थे के रूप में पहाड़ी माता पहुंचते हैं। कोलकाता, दिल्ली, आसाम, सिलीगुड़ी, गोवा, बैंगलुरू से छपारिया, श्योराण, काजड़िया, नकीपुरिया परिवारों के भक्तजन माता दर्शन को पहुंचते हैं। माता के चरणों में सबसे अधिक धोक लगाने नवविवाहित जोड़े आते हैं। बच्चों के प्रथम मुंडन के लिए भी यहां भीड़ उमड़ती है।
By Gurpreet Singh

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