फरीदकोट में मीरी-पीरी खालसा मार्च के दौरान श्री अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने पंजाब सरकार से बेअदबी (अमर्यादा) कानून में आपत्तिजनक प्रावधानों में संशोधन की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि सरकार को पहले दिए गए सुझावों के अनुरूप कानून में बदलाव करना चाहिए ताकि यह सिख धार्मिक परंपराओं और भावनाओं के अनुरूप हो।
मार्च को संबोधित करते हुए ज्ञानी गड़गज ने कहा कि अकाल तख्त पहले ही पंजाब सरकार को कानून में संशोधन के लिए समय-सीमा दे चुका है। उन्होंने दोहराया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब से जुड़े किसी भी कानून या प्रावधान को लागू करने से पहले पंथ की भावनाओं और धार्मिक मर्यादा का सम्मान किया जाना चाहिए।
‘मीरी-पीरी खालसा मार्च’ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और सिख संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस अवसर पर धार्मिक नेताओं ने संगत से गुरु साहिब के सम्मान, सिख परंपराओं की रक्षा और सामाजिक एकता बनाए रखने का संदेश दिया। मार्च के दौरान बेअदबी से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई और प्रभावी कानूनी व्यवस्था की भी मांग उठाई गई।
पंजाब सरकार ने पहले कहा था कि अकाल तख्त द्वारा भेजे गए सुझावों का परीक्षण किया जा रहा है और आवश्यक संशोधनों पर विचार किया जाएगा। इस बीच, बेअदबी कानून को लेकर धार्मिक और राजनीतिक स्तर पर चर्चा लगातार जारी है।
