पुणे (राजीव शर्मा): पुणे के पास एक ऐतिहासिक पहाड़ी किले का ट्रेक, जिसे एक सामान्य सैर माना जा रहा था, एक चौंकाने वाली हत्या की जांच का केंद्र बनकर उभरा है। पुलिस का आरोप है कि एक युवा व्यवसायी को उसकी मंगेतर और उसके कथित प्रेमी ने जानबूझकर धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया।
यह मामला पहली बार 18 जून को तब सामने आया जब 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की एक ट्रेक के दौरान खाई में गिरने से मौत हो गई। उस समय, इस घटना को एक दुखद दुर्घटना माना गया था, और परिवार के सदस्यों को सूचित किया गया था कि किले की सैर करते समय उनका पैर फिसल गया था।
हालाँकि, जांचकर्ताओं ने जल्द ही इस बात पर संदेह करना शुरू कर दिया कि क्या यह गिरावट महज एक दुर्घटना थी। क्षेत्र से एकत्र किए गए सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा में कथित तौर पर एक तीसरे व्यक्ति की उपस्थिति का खुलासा हुआ, जो उनकी पूरी यात्रा के दौरान इस जोड़े पर करीब से नज़र रखता हुआ दिखाई दिया।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि उस अज्ञात व्यक्ति ने सबका ध्यान इसलिए खींचा क्योंकि उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए असामान्य कदम उठाए थे। भीषण गर्मी के बावजूद, उसने ऐसे कपड़े पहने हुए थे जिससे उसका अधिकांश चेहरा ढका हुआ था और वह कैमरों के सीधे संपर्क से बचता हुआ दिख रहा था। जांचकर्ताओं का मानना था कि यह व्यवहार किसी आम पर्यटक जैसा नहीं था और उन्होंने फुटेज की और अधिक विस्तार से जांच करने का फैसला किया।
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, अधिकारियों ने मृतक के रिश्तेदारों और दोस्तों से पूछताछ की। इन बातचीत के दौरान, उन्हें कथित तौर पर पता चला कि अग्रवाल और उनकी मंगेतर के बीच संबंध उतने सुचारू नहीं थे जितने कि सार्वजनिक रूप से दिखाई देते थे। परिवार के सदस्यों ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उसने पहले शादी को लेकर संदेह व्यक्त किया था और शादी की योजनाओं को टालने का प्रयास किया था।
आगे की पूछताछ में एक और महत्वपूर्ण विवरण सामने आया। जांचकर्ताओं के अनुसार, महिला ने अग्रवाल की मौत से पहले के हफ्तों में बार-बार उन्हें उसी ट्रेकिंग गंतव्य पर साथ जाने के लिए राजी किया था। इस सिलसिले ने जासूसों के बीच चिंता पैदा कर दी, जिन्होंने यह पता लगाना शुरू कर दिया कि क्या इस स्थान को जानबूझकर चुना गया था।
इस मामले में अहम मोड़ तब आया जब पुलिस ने डिजिटल रिकॉर्ड और संचार डेटा की जांच की। जांचकर्ताओं को कथित तौर पर महिला और उसके प्रेमी के रूप में पहचाने गए एक युवक के बीच व्यापक संपर्क के सबूत मिले। उनकी बातचीत की आवृत्ति (फ्रीक्वेंसी) और अवधि कथित तौर पर एक करीबी रिश्ते का संकेत देती थी जो उसकी सगाई के बावजूद जारी था।
इसके बाद अधिकारियों ने उस व्यक्ति को सीसीटीवी फुटेज में कैद संदिग्ध शख्स से जोड़ा। उसकी पहचान करने के बाद, पुलिस ने उसकी हरकतों पर नज़र रखने और अतिरिक्त सबूत इकट्ठा करने के लिए एक समन्वित अभियान शुरू किया।
जांचकर्ताओं के अनुसार, संदिग्धों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण से एक सुनियोजित साजिश की ओर इशारा मिला। पुलिस का दावा है कि आरोपी अग्रवाल को रास्ते से हटाना चाहते थे क्योंकि वे उन्हें अपने रिश्ते में एक बाधा के रूप में देखते थे।
पीड़ित, जो अपने परिवार के रियल एस्टेट व्यवसाय से जुड़े थे और इस साल के अंत में होने वाली एक भव्य शादी की तैयारी कर रहे थे, ने कथित तौर पर आगामी समारोह के लिए व्यापक व्यवस्था की थी। उन योजनाओं की जगह अब एक आपराधिक जांच ने ले ली है जिसने उनके परिवार और पूरे समाज को स्तब्ध कर दिया है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उन पर हत्या और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया है। मामले की जांच अभी भी जारी है क्योंकि अधिकारी सबूत जुटाना और अभियोजन (प्रॉसिक्यूशन) के लिए केस तैयार करना जारी रखे हुए हैं।
इन चौंकाने वाले घटनाक्रमों ने छिपे हुए रिश्तों, धोखे और सामाजिक दिखावे को बनाए रखने की कोशिश करते हुए अपनी व्यक्तिगत प्राथमिकताओं को छिपाने के लिए कुछ लोग किस हद तक जा सकते हैं, इस पर एक व्यापक बहस छेड़ दी है।
