वाशिंगटन (राजीव शर्मा): अमेरिकी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) ने सतिंदरजीत सिंह, जिसे गोल्डी बराड़ के नाम से भी जाना जाता है, को अपने ‘टेन मोस्ट वांटेड’ भगोड़ों की सूची में शामिल कर लिया है। इसके साथ ही लॉरेंस बिश्नोई संगठित अपराध गिरोह के कथित उत्तर अमेरिकी सरगना की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तलाश और तेज हो गई है। एफबीआई ने 28 सितंबर, 2026 को इस कदम की घोषणा की और उसकी गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने वाले के लिए 10 लाख डॉलर (1 मिलियन डॉलर) तक के इनाम की पेशकश की है।
एफबीआई के अनुसार, सिंह रैकेटियरिंग (संगठित अपराध), रंगदारी (वसूली) और नशीले पदार्थों से जुड़े संघीय अपराधों के आरोपों में वांछित है। जांचकर्ताओं का आरोप है कि यह संगठन पूरे संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में हिंसक अपराधों में शामिल रहा है, जिसमें लक्षित हत्याएं (टारगेटेड किलिंग्स), गोलीबारी, अपहरण और जबरन वसूली शामिल हैं।
32 वर्षीय सिंह को अमेरिकी अधिकारियों ने उत्तरी अमेरिका में बिश्नोई नेटवर्क के एक प्रमुख चेहरे के रूप में चिन्हित किया है। संघीय अभियोजकों का आरोप है कि उसने व्यापक संगठन के सदस्यों और सहयोगियों के साथ संवाद स्थापित करने और समन्वय करने में मदद की।
एफबीआई ने बताया कि सिंह लॉस एंजिल्स की संघीय अदालत में आरोपों का सामना कर रहा है, जिसमें ‘रैकेटियर इन्फ्लुएंस्ड एंड करप्ट ऑर्गनाइजेशन एक्ट’ (RICO) के तहत साजिश, रंगदारी से जुड़ी साजिश और नियंत्रित पदार्थों (नशीले पदार्थों) की तस्करी करने की साजिश शामिल है। अदालत में साबित होने तक ये सभी आरोप बने रहेंगे।
