डॉ. मोहन भागवत करेंगे लर्नगीता के 50वें गोल्डन बैच का शुभारंभ, एक लाख लोग सीखेंगे गीता का ज्ञान

कैलगरी (राजीव शर्मा): 16 अक्टूबर को लर्नगीता के ऐतिहासिक 50वें गोल्डन बैच के शुभारंभ में अब केवल पांच दिन बचे हैं। श्रीमद्भगवद्गीता के शाश्वत ज्ञान को फैलाने के लिए समर्पित इस पहल की तैयारी एक ऐतिहासिक अवसर के लिए जारी है। डॉ. मोहन भागवत पूज्य स्वामीजी की उपस्थिति में मुख्य अतिथि के रूप में भव्य शुभारंभ में शामिल होने की संभावना हैं।

कैलगरी की स्वाति ने नेशनल टाइम्स के साथ इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की जानकारी साझा की और इस पहल के महत्व तथा भगवद्गीता की शिक्षाओं को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने के प्रयासों को रेखांकित किया।

50वें गोल्डन बैच की एक प्रमुख विशेषता यह घोषणा है कि एक लाख नए साधक लर्नगीता के माध्यम से भगवद्गीता सीखना शुरू करेंगे। यह पहल विभिन्न पृष्ठभूमि के लोगों को एक संरचित शिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से भारत की आध्यात्मिक और दार्शनिक विरासत को जानने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

भगवद्गीता कर्तव्य, अनुशासन, आत्म-जागरूकता, भक्ति और जीवन की चुनौतियों का सामना करते समय आंतरिक संतुलन बनाए रखने पर स्थायी शिक्षा देती है। समकालीन समाज में भी इसकी शिक्षाएं उतनी ही प्रासंगिक हैं, जो व्यक्तियों को सोच-समझकर निर्णय लेने, अपनी जिम्मेदारियों को समझने और जीवन के प्रति गहरा दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित करती हैं।

50वें गोल्डन बैच का शुभारंभ लर्नगीता की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. मोहन भागवत की संभावित उपस्थिति और पूज्य स्वामीजी के आध्यात्मिक मार्गदर्शन ने इस अवसर का महत्व और बढ़ा दिया है। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को गीता की शिक्षाओं से जोड़ने के लिए प्रेरित करना है।

कैलगरी से यह जानकारी साझा करते हुए स्वाति ने आगामी कार्यक्रम को स्थानीय समुदाय के ध्यान में लाने में मदद की है और आध्यात्मिक शिक्षा तथा सांस्कृतिक विरासत पर केंद्रित इस पहल के प्रति अधिक जागरूकता को प्रोत्साहित किया है। जैसे-जैसे 16 अक्टूबर नजदीक आ रहा है, ऐसे साधकों में इस ऐतिहासिक शुभारंभ को लेकर रुचि बढ़ने की संभावना है, जो भगवद्गीता को समझने और उसके शाश्वत ज्ञान को दैनिक जीवन में उतारने की अपनी यात्रा शुरू करना चाहते हैं।

By Rajeev Sharma

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