चंडीगढ़, 12 अगस्त – हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने आज उपायुक्तों को राज्य से टीबी (तपेदिक) के पूर्ण उन्मूलन के लिए ठोस एवं परिणामोन्मुखी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ और ‘निक्षय मित्र पहल’ के तहत किए जा रहे कार्यों के प्रभाव का आकलन करने के लिए समय-समय पर परिणामों का ऑडिट किया जाए।
राज्यपाल ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ एवं ‘निक्षय मित्र पहल’ के तहत हरियाणा राज्य में किए जा रहे कार्यों एवं प्रगति की समीक्षा के लिए चंडीगढ़ स्थित लोक भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के 13 जिलों के उपायुक्तों को संबोधित कर रहे थे।
प्रो. घोष ने टीबी की शीघ्र पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के लिए निवारक उपायों तथा समुदाय-आधारित स्क्रीनिंग को और अधिक सुदृढ़ करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन के इस अभियान को सफल बनाने के लिए सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों के साथ-साथ सभी संबंधित पक्षों की सक्रिय एवं प्रभावी भागीदारी आवश्यक है।
उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे अधिक जोखिम वाले गांवों पर विशेष ध्यान दें और यह सुनिश्चित करें कि जांच एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उन कमजोर और जरूरतमंद लोगों तक सीधे पहुंचें, जिन्हें उनकी सर्वाधिक आवश्यकता है तथा जहां ये सुविधाएं आसानी से उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने टीबी से संक्रमित पाए गए मरीजों के समुचित उपचार एवं देखभाल पर विशेष बल दिया। साथ ही, ‘निक्षय मित्र पहल’ के तहत जरूरतमंद मरीजों को समय पर पोषण सहायता किट उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।
राज्यपाल ने प्रौद्योगिकी आधारित साधनों, विशेषकर ‘टीबी मुक्त भारत ऐप’, का अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग करने पर भी बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला टीबी केंद्रों को सुदृढ़ किया जाए, आवश्यकता के अनुसार उनमें सुधार किया जाए तथा कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में भारत टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हरियाणा टीबी के खिलाफ लड़ाई में देश के अग्रणी प्रदर्शन करने वाले राज्यों में से एक बनकर उभरा है और राज्य ने ‘नेशनल टीबी एलिमिनेशन प्रोग्राम’ के तहत कई महत्वपूर्ण लक्ष्य हासिल किए हैं।
उपायुक्तों से ‘टीबी मुक्त हरियाणा’ का लक्ष्य हासिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए प्रो. घोष ने कहा कि वे तीन माह बाद ‘निक्षय मित्र पहल’ के तहत जिलों के प्रदर्शन की समीक्षा करेंगे।
बैठक के दौरान सभी उपायुक्तों से ‘निक्षय मित्र’ के रूप में पंजीकरण करवाने तथा टीबी से प्रभावित लोगों को पोषण सहायता उपलब्ध करवाने में योगदान देने का आग्रह किया गया। साथ ही, उनके कार्यालयों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी इस पहल से जोड़ने और इस नेक कार्य में योगदान के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की।
इस अवसर पर नेशनल हेल्थ मिशन, हरियाणा के मिशन निदेशक डॉ. आर.एस. ढिल्लों, राज्यपाल के सचिव श्री विजय कुमार भाविकट्टी, डीएचएस डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, राज्य टीबी अधिकारी डॉ. राजेश राजू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सिरसा, महेंद्रगढ़, सोनीपत, पंचकूला, हिसार, फरीदाबाद, नूंह, करनाल, यमुनानगर, चरखी दादरी, पानीपत, गुरुग्राम और रोहतक के उपायुक्तों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया।
