चंडीगढ़(गुरप्रीत सिंह):आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने शुक्रवार को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस अपने आंतरिक विवाद, गुटबाजी और नेतृत्व संकट से जनता का ध्यान भटकाने के लिए आम आदमी पार्टी के विधायकों को लेकर मनगढ़ंत दावे कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का पूरा नेतृत्व जनता के मुद्दों के बजाय आपसी सत्ता संघर्ष में उलझा हुआ है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पहले ही कहा था कि जैसे-जैसे 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आएंगे, विपक्षी दल अपना राजनीतिक संतुलन खो देंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं के बयान और सोशल मीडिया पोस्ट पार्टी के भीतर बढ़ती खींचतान और गुटबाजी को उजागर कर रहे हैं। उनके अनुसार, पंजाब कांग्रेस की स्थिति ऐसी हो गई है कि उसके नेता जनता के मुद्दे उठाने के बजाय एक-दूसरे पर निशाना साधने में व्यस्त हैं।
राजा वड़िंग के उस दावे को खारिज करते हुए, जिसमें उन्होंने 40 से 45 आप विधायकों के कांग्रेस के संपर्क में होने की बात कही थी, पन्नू ने इसे पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा भी 30 से 35 विधायकों के संपर्क में होने का दावा कर चुके हैं, लेकिन बाद में उन्होंने नगर निगम पार्षदों को तोड़े जाने का आरोप लगाना शुरू कर दिया।
पन्नू ने तंज कसते हुए कहा कि अगर राजा वड़िंग और प्रताप सिंह बाजवा के दावों को जोड़ दिया जाए, तो कांग्रेस के पास सरकार बनाने लायक संख्या पहले ही होनी चाहिए थी। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इतने विधायक उनके संपर्क में हैं, तो कांग्रेस ने अब तक अपनी सरकार क्यों नहीं बना ली? उनके मुताबिक, कांग्रेस नेताओं के विरोधाभासी बयान पार्टी की भ्रम और हताशा की स्थिति को दर्शाते हैं।
कांग्रेस नेतृत्व की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि पार्टी अपने ही बड़े नेताओं को भाजपा में जाने से नहीं रोक सकी। उन्होंने राजा वड़िंग से पूछा कि क्या उन्हें पता था कि पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह कब भाजपा के करीब आए, केवल सिंह ढिल्लों ने कांग्रेस कब छोड़ी, पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने कब पार्टी बदली और पूर्व सांसद रवनीत सिंह बिट्टू कब भाजपा में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जो पार्टी अपने वरिष्ठ नेताओं के जाने का अंदाजा नहीं लगा सकी, उसे आप के विधायकों पर अटकलें लगाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
बलतेज पन्नू ने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि पहले वह सभी विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित करे, उसके बाद आप पर टिप्पणी करे। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के पास सभी सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए मजबूत उम्मीदवार भी नहीं हैं, लेकिन पार्टी अगली सरकार बनाने के सपने देख रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस में नेतृत्व का संकट इतना गहरा है कि एक दर्जन से अधिक नेता खुद को मुख्यमंत्री पद का दावेदार मान रहे हैं। पन्नू ने यह भी कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी के हालिया पोस्टरों में कांग्रेस का नाम, चुनाव चिह्न और केंद्रीय नेतृत्व का उल्लेख तक नहीं था, जो पार्टी के भीतर चल रहे सत्ता संघर्ष का स्पष्ट संकेत है।
अपने संबोधन के अंत में बलतेज पन्नू ने राजा वड़िंग को सलाह दी कि वे आम आदमी पार्टी के बारे में काल्पनिक दावे करने के बजाय कांग्रेस को बचाने पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता पहले ही मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली आप सरकार को दोबारा मौका देने का मन बना चुकी है। उनके अनुसार, जहां कांग्रेस आंतरिक कलह और नेतृत्व की लड़ाई में उलझी हुई है, वहीं आप सरकार जनता के कल्याण और राज्य के विकास के लिए लगातार काम कर रही है।
