जयपुर के गांव में स्कूल निरीक्षण के दौरान झड़प, स्वयंसेवकों ने मारपीट का लगाया आरोप

जयपुर(राजीव शर्मा): जयपुर जिले के रामपुरा कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल के निरीक्षण के प्रयास को लेकर शुक्रवार को विवाद हिंसा में बदल गया। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के स्वयंसेवकों ने आरोप लगाया कि परिसर में प्रवेश से रोके जाने के बाद लोगों के एक समूह ने उन पर हमला किया।

सीजेपी की टीम स्कूल के बुनियादी ढांचे का आकलन करने और उसकी समग्र स्थिति की जांच करने के लिए बगरू क्षेत्र के इस गांव में पहुंची थी। बताया गया है कि ग्रामीणों ने निरीक्षण पर आपत्ति जताई और स्वयंसेवकों से क्षेत्र छोड़ने को कहा। प्रवेश की अनुमति नहीं मिलने के बाद टीम ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया।

जल्द ही तनाव बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच टकराव हो गया। सीजेपी सदस्यों ने आरोप लगाया कि उन्हें धक्का दिया गया और उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि झड़प के दौरान उन पर पथराव किया गया। उनका कहना था कि निरीक्षण का उद्देश्य सरकारी स्कूल में कथित खराब स्थितियों की ओर ध्यान आकर्षित करना था।

घटना के बाद सामने आए वीडियो में ग्रामीणों का एक समूह सीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमला करता दिखाई दिया। हालांकि, टकराव से पहले की परिस्थितियों को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग रहे।

सीजेपी के सह-संयोजक और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि हमले में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े लोग शामिल थे। रांका ने एक्स पर साझा किए गए पोस्ट में दावा किया कि टीम के सदस्यों को पथराव में चोटें आईं और वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया।

रांका ने आगे आरोप लगाया कि स्कूल परिसर में भैंसों का बाड़ा बनाया गया था। उन्होंने घटना के पीछे कथित रूप से जिम्मेदार लोगों को लेकर मदन दिलावर का नाम भी लिया। उन्होंने कहा कि यह घटना पार्टी को सरकारी स्कूलों की स्थिति पर सवाल उठाने से नहीं रोक पाएगी।

टकराव का विवरण देते हुए रांका ने आरोप लगाया कि स्कूल पहुंचने के तुरंत बाद टीम पर हमला कर दिया गया। उन्होंने कहा कि पथराव में टीम के सदस्यों को चोटें आईं और कारों के शीशे क्षतिग्रस्त हुए। उन्होंने यह भी दावा किया कि घटना के दौरान उनके कपड़े फाड़ दिए गए।

बाद में रांका ने हिंसा के लिए पूरे ग्रामीण समुदाय को जिम्मेदार ठहराने से बचने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के बाहर से लोगों को बुलाया गया था और जानबूझकर टकराव भड़काया गया।

दोनों पक्षों ने घटना को लेकर एक-दूसरे से अलग दावे किए हैं। झड़प में लगी चोटों, पुलिस की कार्रवाई और इस संबंध में दर्ज मामलों की जानकारी का इंतजार था।

By Rajeev Sharma

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *