आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन में चंडीगढ़ का शानदार प्रदर्शन, स्वास्थ्य अभिलेख जोड़ने में बना अव्वल केंद्र शासित प्रदेश

चंडीगढ़(गुरप्रीत सिंह): पंजाब के माननीय राज्यपाल एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया के कुशल मार्गदर्शन तथा श्री मंदीप सिंह बराड़, स्वास्थ्य सचिव, यू.टी. चंडीगढ़ के बहुमूल्य सहयोग से चंडीगढ़ को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (AAMs)/शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (UAAMs) में स्वास्थ्य अभिलेखों को जोड़ने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले केंद्र शासित प्रदेश का पुरस्कार मिला है।

यह पुरस्कार नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम ‘आरोग्य मंथन’ में प्रदान किया गया। ABDM के तहत स्वास्थ्य अभिलेखों को डिजिटल रूप से जोड़ने में चंडीगढ़ के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए यह सम्मान दिया गया।

चंडीगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं की निदेशक डॉ. सुमन सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों और देशभर के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे. पी. नड्डा से यह पुरस्कार प्राप्त किया।

इस कार्यक्रम में आयुष्मान भारत PM-JAY के आठ वर्ष और ABDM के पाँच वर्ष पूरे होने के अवसर पर स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों की समीक्षा की गई और भविष्य की दिशा में प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया गया। श्री जे. पी. नड्डा ने गरीबों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को बधाई दी।

यह पुरस्कार डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और ABDM पहलों को व्यापक रूप से अपनाने के लिए चंडीगढ़ के निरंतर प्रयासों को मान्यता देता है। स्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य संस्थानों के सामूहिक प्रयासों से चंडीगढ़ ने ABHA (आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता) के साथ स्वास्थ्य अभिलेखों को जोड़ने में उल्लेखनीय प्रगति की है। इससे डिजिटल स्वास्थ्य जानकारी तक सुरक्षित और निर्बाध पहुँच संभव हो रही है।

यह उपलब्धि चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग, स्वास्थ्यकर्मियों, अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं और ABDM टीम की डिजिटल स्वास्थ्य मिशन को लागू करने तथा रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की प्रतिबद्धता का भी सम्मान है।

चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने डिजिटल स्वास्थ्य पहलों को आगे बढ़ाने और ABDM का लाभ प्रत्येक नागरिक तक पहुँचाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इससे अधिक जुड़ी हुई, कुशल और रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य व्यवस्था बनाने में मदद मिलेगी।

By Gurpreet Singh

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