चंडीगढ़ में शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर सख्ती, दो युवकों को जुर्माने के साथ कम्युनिटी सर्विस की सजा

चांडीगढ़(गुरप्रीत सिंह):चंडीगढ़ अदालत ने नशे में गाड़ी चलाने और ट्रैफिक अभियान के दौरान उत्पात मचाने के आरोप में लुधियाना जिले के दो निवासियों को दंडित किया है। जुर्माने के साथ-साथ दोनों को सामुदायिक सेवा करने का निर्देश दिया गया है और तीन महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।

यह घटना 4 और 5 जुलाई की दरम्यान तब हुई जब चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने सेक्टर 34 और 35 को विभाजित करने वाली सड़क पर नशे में ड्राइविंग के खिलाफ अभियान के तहत विशेष चेकपोस्ट लगाया था।
पुलिस ने बताया कि वाहन को रूटीन जांच के लिए रोका गया था, जिसके दौरान ड्राइवर का ब्रेथ एनेलाइज़र टेस्ट किया गया। रिपोर्ट के अनुसार परीक्षण में शराब का स्तर 238 mg प्रति 100 ml रक्त पाया गया — जो कि कानूनी सीमा 30 mg प्रति 100 ml से बहुत अधिक है।
वाहन के सवारों की बाद में पहचान 26 वर्षीय लवजोत सिंह और 27 वर्षीय गगनप्रीत सिंह के रूप में हुई, दोनों लुधियाना जिले के समराला उपविभाग के गांवों के निवासी हैं।
अधिकारियों के अनुसार, जब ट्रैफिक टीम ने वाहन के दस्तावेज और व्यक्तिगत विवरण मांगे तो दोनों पुरुष कथित तौर पर सहयोग करने से इनकार कर दिए। उन पर ड्यूटी पर मौजूद ट्रैफिक कर्मियों, जिनमें एक महिला ट्रैफिक मार्शल भी थीं, के साथ अनुचित व्यवहार करने का भी आरोप है। हालत बिगड़ने पर इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम के जरिये मदद मंगवाई गई और स्थानीय पुलिस व PCR टीम घटनास्थल पर पहुंची। आरोप है कि आरोपी उपस्थित अधिकारियों के साथ भी अशिष्ट व्यवहार जारी रखे रहे।
पुलिस ने बाद में वाहन जब्त कर कानूनी कार्रवाई शुरू की। दोनों पुरुषों को मेडिकल जांच के लिए सेक्टर 16 के गवर्नमेंट मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल ले जाया गया और फिर उन्हें सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (साउथ) के सामने पेश किया गया; मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर को निर्धारित की गई है।
एक अलग सुनवाई में, दोनों ने चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में अपना अपराध स्वीकार कर लिया। अदालत ने प्रत्येक पर ₹10,000 का जुर्माना लगाया। अदालत ने यह भी कहा कि जुर्माना न देने पर 15 दिनों की साधारण कैद होगी।
सजा के हिस्से के रूप में अदालत ने दोनों दोषियों को चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस की देखरेख में चार दिनों की सामुदायिक सेवा करने का निर्देश दिया। 8 जुलाई से वे चयनित चौराहों पर ट्रैफिक अधिकारियों की सहायता करेंगे और सड़क सुरक्षा नियमों के पालन को बढ़ावा देने हेतु जन-जागरूकता गतिविधियों में भाग लेंगे।
अदालत ने उनके ड्राइविंग लाइसेंस भी तीन महीने के लिए निलंबित कर दिए, जिसके दौरान वे किसी भी श्रेणी के वाहन नहीं चला सकेंगे।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने दोहराया कि चंडीगढ़ पुलिस नशे में गाड़ी चलाने और कानून प्रवर्तन कर्मियों के साथ किसी भी प्रकार के कदाचार पर कड़ी कार्रवाई जारी रखेगी। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों, विशेषकर महिला कर्मियों के प्रति अपमानजनक व्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

By Gurpreet Singh

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