चंडीगढ़ प्रशासन ने गुणवत्तापूर्ण पौधारोपण एवं गैप फिलिंग पर दिया गया विशेष जोर

चंडीगढ़(नवल किशोर): चंडीगढ़ प्रशासन के गृह सचिव-सह-सचिव वन श्री मंदीप सिंह बराड़ ने आज यूटी सचिवालय में वर्ष 2026–27 की पौधारोपण योजना को लेकर एक व्यापक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में मुख्य वन संरक्षक, नगर निगम आयुक्त, वन संरक्षक, नगर निगम एवं इंजीनियरिंग विभाग के मुख्य अभियंता, निदेशक स्कूल शिक्षा तथा चंडीगढ़ प्रशासन एवं केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने एक विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें वर्ष 2025–26 के पौधारोपण अभियान के लक्ष्यों एवं उपलब्धियों के साथ-साथ विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों द्वारा लगाए गए पौधों की जीवित रहने की प्रतिशतता की जानकारी दी गई। बताया गया कि गत वर्ष चंडीगढ़ में 5,76,221 के लक्ष्य के मुकाबले कुल 6,64,133 पौधारोपण एवं पौध वितरण किया गया। वर्ष 2026–27 के लिए 4,10,725 पौधारोपण एवं पौध वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस वर्ष भी वन विभाग का मुख्य फोकस संख्या की बजाय गुणवत्तापूर्ण पौधारोपण पर रहेगा। विभाग द्वारा 21 एवं 22 मई को सभी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों के लिए पौधारोपण तकनीक एवं पौधारोपण उपरांत देखभाल विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

श्री मंदीप सिंह बराड़ ने सभी हरित एजेंसियों के प्रयासों तथा विभिन्न विभागों द्वारा प्राप्त 79 प्रतिशत पौध जीवित रहने की दर की सराहना करते हुए कहा कि लगाए गए पौधों की जीवित रहने की दर को बनाए रखने एवं और बेहतर करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं।

सचिव ने निर्देश दिए कि इस वर्ष के पौधारोपण अभियान में विशेष रूप से गैप प्लांटेशन पर ध्यान केंद्रित किया जाए, खासकर नगर निगम एवं इंजीनियरिंग विभाग द्वारा। उन्होंने कहा कि पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक के दृष्टिकोण एवं निर्देशों के अनुरूप सड़कों के किनारों एवं खुले स्थानों को व्यापक रूप से पौधारोपण गतिविधियों से आच्छादित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि शहर में जहां-जहां पौधारोपण में कमी है, उन सभी स्थानों को पूर्ण रूप से कवर कर 100 प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि शैक्षणिक संस्थानों में उपयोगिता आधारित पौधारोपण किया जाए ताकि जहां संभव हो, वहां उत्पाद का उपयोग मिड-डे मील के लिए भी किया जा सके। इसके अतिरिक्त, चंडीगढ़ पुलिस को भी विभिन्न परिसरों, जिनमें आईआरबी बटालियन परिसर एवं पुलिस प्रशिक्षण संस्थान शामिल हैं, की सीमाओं के साथ पौधारोपण गतिविधियां शुरू करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए।

By Gurpreet Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *