चंडीगढ़(गुरप्रीत सिंह):संगरूर से आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने केंद्र की भाजपा सरकार पर लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी का गला घोंटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद में जनहित के मुद्दों पर दिए गए उनके भाषण को भारत में इंस्टाग्राम पर ब्लॉक किया जाना इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि भाजपा सरकार आलोचना बर्दाश्त नहीं कर पा रही है।
मीत हेयर ने कहा कि लगभग 15 लाख मतदाताओं द्वारा चुने गए एक सांसद के संसदीय भाषण को भारत में हटाना या उसकी पहुंच सीमित करना लोकतांत्रिक संस्थाओं और जनता के जनादेश का अपमान है। उन्होंने कहा कि यदि संसद में कही गई बात जनता तक नहीं पहुंचने दी जाती, तो इससे बड़ा तानाशाही का उदाहरण कोई नहीं हो सकता।
संसद में नीट परीक्षा से जुड़े विधेयक पर हुई चर्चा का जिक्र करते हुए मीत हेयर ने कहा कि उन्होंने अपने भाषण में पिछले 12 वर्षों की भाजपा सरकार की नीतियों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाया था। उन्होंने कहा कि हालिया देशव्यापी नीट आंदोलन केवल परीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह युवाओं के अधिकारों और शिक्षा के भविष्य के लिए उनकी एकजुटता का प्रतीक बन गया। इस आंदोलन के दबाव में सरकार को अपने एक मंत्री का इस्तीफा तक स्वीकार करना पड़ा।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को मंत्री के इस्तीफे से अधिक इस बात की चिंता है कि पहली बार देश के युवा धर्म, जाति और क्षेत्र से ऊपर उठकर शिक्षा और भविष्य के मुद्दे पर एकजुट हुए।
मीत हेयर ने कहा कि जब वह आंदोलन स्थल पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि सिख, हिंदू, मुस्लिम और ईसाई युवा एक मंच पर बैठकर देशभक्ति के गीत गा रहे थे और ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे लगा रहे थे। उन्होंने कहा कि यही एकता भाजपा को सबसे ज्यादा परेशान कर रही है, क्योंकि पिछले 12 वर्षों से भाजपा ने धर्म और जाति के आधार पर समाज को बांटकर अपनी राजनीति खड़ी की है। लेकिन इस आंदोलन ने उस पूरी राजनीति को चुनौती दे दी।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नहीं चाहती कि उत्तर प्रदेश, पंजाब और अन्य राज्यों के आगामी चुनाव शिक्षा, बेरोजगारी, महंगाई और युवाओं के भविष्य जैसे वास्तविक मुद्दों पर लड़े जाएं। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनावों को केवल हिंदू-मुस्लिम और धार्मिक ध्रुवीकरण तक सीमित रखना चाहती है, क्योंकि उसके पास जनता के असली सवालों का कोई जवाब नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि पंजाब में भी भाजपा हिंदू-सिख के नाम पर समाज को बांटने की कोशिश कर रही है, लेकिन अब राज्य और देश का युवा उसकी राजनीति को समझ चुका है।
शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए मीत हेयर ने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार करने के बजाय केवल दिखावटी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि विकसित देशों में परीक्षा प्रश्नपत्र पहुंचाने के लिए वायुसेना का इस्तेमाल नहीं किया जाता, जबकि भारत में इसे बड़ी उपलब्धि बताकर पेश किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने की बात करती है, जबकि जरूरत शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की है। भारत को विकसित देशों की शिक्षा व्यवस्था से सीख लेनी चाहिए, न कि ऐसे देशों की श्रेणी में शामिल होना चाहिए जहां लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर हों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक हो।
मीत हेयर ने कहा कि उनके संसदीय भाषण में एक भी असंसदीय शब्द नहीं था। उन्होंने केवल भाजपा की धर्म, जाति और समुदाय के आधार पर राजनीति करने की प्रवृत्ति को उजागर किया था। इसके बावजूद उनके भाषण को भारत में इंस्टाग्राम पर ब्लॉक कर दिया गया।
उन्होंने पत्रकारों को यह भी दिखाया कि उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर वीडियो दिखाई दे रहा है, लेकिन भारत में उसी लिंक को खोलने पर “Post is not available in India” का संदेश आता है। उन्होंने कहा कि यदि संसद में दिया गया भाषण भी जनता तक नहीं पहुंचने दिया जाता, तो यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
कानूनी कार्रवाई के सवाल पर मीत हेयर ने कहा कि आम आदमी पार्टी की कानूनी टीम पूरे मामले का अध्ययन कर रही है और सभी संवैधानिक एवं कानूनी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए पार्टी हर संभव कदम उठाएगी।
नीट आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज किए जा रहे मामलों को लेकर मीत हेयर ने कहा कि भाजपा सरकार ने अपना वादा तोड़ दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन समाप्त कराने के समय छात्रों को भरोसा दिया गया था कि उनके खिलाफ कोई एफआईआर या कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन अब उन्हीं छात्रों पर मामले दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने इसे सरकार की दमनकारी मानसिकता का उदाहरण बताया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के भविष्य के लिए संघर्ष करने वाले युवाओं के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है।
मीत हेयर ने कहा कि आंदोलन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज और प्रदर्शनकारियों के साथ अमानवीय व्यवहार के कई वीडियो सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी लोकतांत्रिक आवाज उठाने वाले युवाओं के खिलाफ ऐसी कार्रवाई पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी पहले भी छात्रों के साथ खड़ी थी और आगे भी उनके संघर्ष में मजबूती से साथ देगी।
प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित टिप्पणी को लेकर दर्ज एफआईआर पर पूछे गए सवाल के जवाब में मीत हेयर ने कहा कि देश में हालात ऐसे हो गए हैं कि सरकार की आलोचना करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया जाता है और भय का वातावरण बनाया जा रहा है।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा युवाओं को मुकदमों और दमन के जरिए डराना चाहती है, लेकिन भारत दुनिया का सबसे युवा देश है। उन्होंने कहा कि देश का युवा न तो तानाशाही के आगे झुकेगा और न ही धमकियों से पीछे हटेगा। उन्होंने दावा किया कि युवाओं की आवाज दबाने की कोशिशों का राजनीतिक नुकसान भाजपा पहले भी उठा चुकी है और यदि यही रवैया जारी रहा तो आने वाले समय में जनता इसका करारा जवाब देगी।
