पंजाब (गुरप्रीत सिंह): पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की है कि श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा समन किए गए आम आदमी पार्टी (AAP) के सभी विधायक और कैबिनेट मंत्री कल सिखों की इस सर्वोच्च धार्मिक संस्था के समक्ष पेश होंगे। उन्होंने अकाल तख्त की संप्रभुता और परंपराओं के प्रति पार्टी के सम्मान को दोहराया।
मीडिया से बात करते हुए मान ने कहा कि पार्टी ने समन पाने वाले हर विधायक और मंत्री को अकाल तख्त के सामने उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के बजाय लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है, वे भी उन निर्देशों का पालन करेंगे।
श्री अकाल तख्त साहिब को सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ ने हमेशा इसके फैसलों का सम्मान किया है। उन्होंने याद दिलाया कि जब उन्हें पहले समन किया गया था, तो वे अकाल तख्त के सामने खुद को पेश करने के लिए एक आधिकारिक कार्यक्रम छोड़ कर आए थे, जो इस बात को रेखांकित करता है कि उनकी सरकार इस संस्था को कितना महत्व देती है।
मान ने कहा कि पार्टी के प्रतिनिधि सभी प्रांतीय तथ्यों को सिख पादरियों (सिंह साहिबानों) के समक्ष रखेंगे और धार्मिक संस्था को स्वतंत्र रूप से इस मामले पर विचार करने देंगे। उन्होंने आगे कहा कि कल की पेशी के बाद जब विधायक और मंत्री मीडिया को संबोधित करेंगे, तब इस कार्यवाही के परिणाम को सार्वजनिक रूप से साझा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने उनसे जुड़े एक कथित वीडियो की फॉरेंसिक रिपोर्ट से जुड़े आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि संबंधित वीडियो क्लिप को मास्क पहने एक बहरूपिये (लुकअलाईक) का उपयोग करके फर्जी तरीके से बनाया गया था और कहा कि पार्टी अपने स्पष्टीकरण के हिस्से के रूप में इस कथित डुप्लीकेट फुटेज को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश करेगी।
यह स्पष्ट करते हुए कि पार्टी के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है, मान ने कहा कि ‘आप’ कार्यवाही में पूरी तरह से सहयोग करेगी और अकाल तख्त द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन करेगी। उन्होंने दोहराया कि श्री अकाल तख्त साहिब के अधिकार का सम्मान करना पार्टी के लिए सिद्धांतों का मामला है।
