लुधियाना के खन्ना में विजिलेंस विभाग के एक DSP और कथित नशा तस्कर के बीच बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। वायरल ऑडियो में जमानत से जुड़े मामले में कथित तौर पर सेटिंग की बातचीत होने का दावा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में एक कबाड़ी के जरिए संपर्क किए जाने की बात सामने आई है।
वायरल ऑडियो को लेकर आरोप है कि नशा तस्करी के मामले में आरोपी की जमानत करवाने के लिए बातचीत की गई। इस दौरान कबाड़ी के माध्यम से कथित तौर पर पुलिसकर्मियों तक पहुंच बनाने और मामले को मैनेज करने की बात कही गई। ऑडियो में CIA स्टाफ से जुड़े एक कर्मचारी का भी जिक्र होने की बात सामने आई है।
मामला सामने आने के बाद वायरल रिकॉर्डिंग की सत्यता और उसमें हुई बातचीत की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वायरल ऑडियो में मौजूद आवाजें संबंधित अधिकारियों और व्यक्ति की ही हैं या नहीं। इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
बताया जा रहा है कि बातचीत में नशा तस्करी के मामले में आरोपी को राहत दिलाने और जमानत से जुड़ी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश के आरोप लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही CIA स्टाफ के एक कर्मचारी की कथित भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
वायरल ऑडियो के सामने आने के बाद पुलिस और विजिलेंस विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, ऑडियो में लगाए गए आरोपों को अभी स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है। संबंधित अधिकारियों की ओर से इस मामले में आधिकारिक तौर पर क्या कार्रवाई की जाती है, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।
इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता और बातचीत में शामिल लोगों की पहचान को लेकर है। यदि जांच में ऑडियो और उसमें लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की जा सकती है। फिलहाल मामले से जुड़े आरोपों की पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही मानी जाएगी।
