यमुनानगर में जिला जनसंपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने अधिकारियों को जनसमस्याओं के समाधान में गंभीरता बरतने के निर्देश दिए। बैठक में कई शिकायतों पर सुनवाई हुई। इसी दौरान एक मामले में सेक्टर के नाम को लेकर मंत्री विज ने नाराजगी जताई और अधिकारियों से सवाल किया कि सरकारी संस्था HSVP की जगह किसी पूर्व मुख्यमंत्री का नाम क्यों लिखा गया है।
बैठक के दौरान सामने आया कि यमुनानगर के एक सेक्टर में HSVP की जगह ‘हुड्डा’ लिखा हुआ है। इस पर अनिल विज ने अधिकारियों से सवाल किया कि क्या यह सेक्टर भूपेंद्र हुड्डा का है? उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्ति या सरकारी संस्थान की पहचान में किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को इस तरह के नाम और लिखावट को हटाने के निर्देश दिए।
मंत्री विज ने तंज करते हुए कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन सरकारी संस्थाओं और योजनाओं की पहचान किसी व्यक्ति के नाम से नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जहां भी सरकारी संस्था या विभाग का नाम निर्धारित है, वहां उसी नाम का इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिले से जुड़ी विभिन्न शिकायतों पर भी चर्चा हुई। लोगों ने सड़क, बिजली, पानी, अवैध कब्जे, प्रशासनिक कार्यों और अन्य स्थानीय समस्याओं से संबंधित शिकायतें समिति के सामने रखीं। मंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से शिकायतों की स्थिति के बारे में जानकारी ली और लोगों की समस्याओं का समाधान तय समय सीमा में करने के निर्देश दिए।
अनिल विज ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि जनप्रतिनिधियों और आम लोगों द्वारा उठाई जाने वाली शिकायतों को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। शिकायतों के समाधान के लिए मौके पर जाकर स्थिति की जांच करने और कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य लोगों को राहत पहुंचाना और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान करना है।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने अलग-अलग मामलों में की गई कार्रवाई की जानकारी भी दी। मंत्री ने लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में कई विभागों की भूमिका है, उनमें आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि शिकायतकर्ता को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
यमुनानगर में हुई इस बैठक के दौरान सरकारी संस्थाओं के नाम और पहचान को लेकर मंत्री विज की टिप्पणी भी चर्चा में रही। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि सरकारी संपत्तियों पर निर्धारित नाम और विभागीय पहचान ही प्रदर्शित हो। उनका कहना था कि सरकारी व्यवस्था किसी व्यक्ति विशेष से नहीं बल्कि संस्थागत व्यवस्था से जुड़ी होती है।
बैठक के बाद अधिकारियों को विभिन्न शिकायतों पर की गई कार्रवाई की निगरानी करने और लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए। प्रशासनिक अधिकारियों ने संबंधित मामलों में आगे की कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।
