चंडीगढ़ (गुरप्रीत सिंह): पंजाब के कंटेंट क्रिएटर और मेकअप आर्टिस्ट मैड संधू (Med Sandhu) एक बार फिर जनता के ध्यान के केंद्र में आ गए हैं। निहंग नेता मनप्रीत सिंह खालसा के साथ उनकी एक रिकॉर्ड की गई फोन बातचीत ऑनलाइन सामने आने के बाद यह स्थिति बनी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर व्यापक रूप से साझा की जा रही इस ऑडियो क्लिप ने व्यक्तिगत पहचान, सांस्कृतिक मूल्यों और युवा दर्शकों पर डिजिटल क्रिएटर्स के प्रभाव को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
इस बातचीत में, मनप्रीत सिंह खालसा ने मैड संधू के पिछले सोशल मीडिया कंटेंट और उनके पहनावे/दिखावट पर सवाल उठाए। उन्होंने चिंता जताई कि इस तरह के वीडियो का युवाओं पर बुरा असर पड़ सकता है। उन्होंने इन्फ्लुएंसर से सार्वजनिक रूप से यह बयान देने का आग्रह किया कि वह अपने पुराने कंटेंट स्टाइल से आगे बढ़ चुके हैं और भविष्य में ऐसी सामग्री पोस्ट करने से बचेंगे, जो उनके (निहंग नेता के) विचार में गलत संदेश दे सकती है।
मैड संधू ने जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी व्यक्तिगत प्रस्तुति और ऑनलाइन कंटेंट दोनों में पहले ही महत्वपूर्ण बदलाव कर लिए हैं। उन्होंने तर्क दिया कि वर्तमान में सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली कई क्लिप उनके पुराने वीडियो हैं, जिन्हें दूसरों द्वारा बार-बार री-शेयर (दोबारा साझा) किया जा रहा है, जिससे बदलाव के उनके प्रयासों के बावजूद अनावश्यक विवाद पैदा हो रहा है।
पहनावे और सार्वजनिक छवि पर चर्चा
बातचीत के दौरान संधू के पहनावे, सार्वजनिक छवि और पहचान पर भी चर्चा हुई। खालसा ने सुझाव दिया कि इन्फ्लुएंसर को अपना वर्तमान रुख स्पष्ट करते हुए एक नया वीडियो संदेश जारी करना चाहिए और अपने फॉलोअर्स के बीच सकारात्मक मूल्यों को बढ़ावा देना चाहिए। संधू ने जवाब दिया कि वह वर्तमान में एक प्रोफेशनल मेकअप कोर्स के सिलसिले में मुंबई में हैं और पंजाब लौटने के बाद इस मुद्दे पर बात करने के लिए तैयार होंगे।
इस बातचीत में मैड संधू ने अपना बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी किसी को अपनी जीवनशैली की नकल करने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि उनके व्यक्तित्व के कुछ पहलू स्वाभाविक (प्राकृतिक) हैं और उन्होंने उन चीजों में पहले ही सुधार कर लिया है जिन्हें वह व्यक्तिगत रूप से बदलने की आवश्यकता समझते थे।
संधू ने अमृतसर में प्रस्तावित प्राइड (Pride) से जुड़े एक कार्यक्रम से जुड़े पिछले विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने उस समय इसके आयोजन का विरोध किया था, लेकिन फिर भी उन्हें विभिन्न हलकों से आलोचना का सामना करना पड़ा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने कभी भी किसी विशिष्ट जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए अपने प्लेटफॉर्म का उपयोग नहीं किया है।
बातचीत के अंत में दोनों पक्षों के रुख में नरमी
जैसे-जैसे बातचीत आगे बढ़ी, दोनों पक्षों के रुख में नरमी आती दिखी। मनप्रीत सिंह खालसा ने स्पष्ट किया कि उनकी चिंताएं मैड संधू को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाने के बजाय पंजाब के सांस्कृतिक लोकाचार (ethos) को बनाए रखने पर केंद्रित थीं। दूसरी ओर, इन्फ्लुएंसर ने अपनी वर्तमान स्थिति को स्पष्ट करने और ऑनलाइन लगातार री-सर्कुलेट (दोबारा प्रसारित) हो रहे पुराने कंटेंट से खुद को दूर रखने के लिए एक बयान जारी करने की इच्छा व्यक्त की।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं: इस वायरल रिकॉर्डिंग ने सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छेड़ दी है, जहाँ यूजर्स की राय काफी बंटी हुई है। जहाँ कुछ लोगों ने सांस्कृतिक जिम्मेदारी की मांग का समर्थन किया, वहीं अन्य ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के व्यक्तिगत अधिकार का बचाव किया। इस क्लिप के व्यापक रूप से चर्चा में आने के बाद मैड संधू या मनप्रीत सिंह खालसा में से किसी ने भी कोई अतिरिक्त आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
