गुरुग्राम। हरियाणा के गुरुग्राम स्थित भोंडसी जेल में बंद विचाराधीन कैदी रिषभ मेहता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। 46 वर्षीय रिषभ की सोमवार रात तबीयत बिगड़ गई थी। जेल प्रशासन ने उसे उपचार के लिए गुरुग्राम के सेक्टर-10 स्थित सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
मृतक की पहचान राजेंद्रा पार्क के लक्ष्मी गार्डन निवासी रिषभ मेहता के रूप में हुई है। वह 24 सितंबर 2019 से भोंडसी जेल में बंद था। उसके खिलाफ शिवाजी नगर थाना क्षेत्र में अपने पिता की हत्या का मामला दर्ज था। इस मामले में अदालत में सुनवाई चल रही थी और उसे अभी दोषी करार नहीं दिया गया था।
पुलिस के अनुसार, 2019 में लक्ष्मी गार्डन में सुशील मेहता की चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई थी। आरोप था कि उनके बेटे रिषभ ने ही उन पर चाकू से कई वार किए थे। बीच-बचाव करने आई उसकी मां चंदर मेहता और भाई मयंक भी हमले में घायल हुए थे। पुलिस ने मामले में रिषभ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
कई दिनों से खराब थी तबीयत
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, रिषभ की पिछले कुछ दिनों से तबीयत खराब चल रही थी। उसे जेल के अस्पताल में रखा गया था। सोमवार सुबह उसकी हालत ज्यादा बिगड़ने पर जेल अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद उसे सेक्टर-10 सिविल अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलने पर भोंडसी थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मंगलवार को मजिस्ट्रेट की निगरानी में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जेल में बंद विचाराधीन कैदी की मौत के मामले में नियमानुसार जांच की जा रही है। पुलिस ने मृतक के परिजनों को भी सूचना दे दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि उसकी मौत बीमारी के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
