चण्डीगढ(बलविंदर सिंह):हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन, हरियाणा के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उनकी मांगों पर विस्तार से चर्चा की। पानीपत में आयोजित बैठक शांतिपूर्ण एवं सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई। बैठक में ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया और सभी 17 मांगों पर सहमति बन गई जिसमें से 12 मांगो आवश्यक पत्र भी जारी कर दिए गए हैं। मांगों के समाधान से प्रदेशभर के ग्रामीण सफाई कर्मचारियों में खुशी की लहर है।
कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने और उनकी जायज मांगों का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। ग्रामीण सफाई कर्मचारी गांवों को स्वच्छ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनका कार्य केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वच्छ और स्वस्थ ग्रामीण वातावरण तैयार करने में भी अहम योगदान है। सरकार उनके परिश्रम और सेवाओं का सम्मान करती है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए सहमति के अनुसार आवश्यक आदेश जारी कर दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य है कि कर्मचारियों को अपने अधिकारों और सुविधाओं के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि जारी आदेशों की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित करें, ताकि कर्मचारियों को इनका लाभ समय पर मिल सके।
श्री पंवार ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गांवों के सर्वांगीण विकास और ग्रामीण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी कड़ी में प्रदेश की 6230 ग्राम पंचायतों के विकास के लिए राज्य वित्त आयोग (एसएफसी) के माध्यम से 579 करोड़ रुपए पंचायतों के खातों में जारी किए गए हैं। इस राशि से गांवों में विकास कार्यों को गति मिलेगी तथा मूलभूत सुविधाओं को और बेहतर बनाया जा सकेगा। सरकार की प्राथमिकता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए धन की कमी आड़े न आए और प्रत्येक गांव तक विकास का लाभ पहुंचे।
विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक सुशील सारवान ने कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार और यूनियन के बीच हुई सहमति के अनुरूप विभाग ने आवश्यक कार्रवाई की है। 10 सितंबर 2026 को जारी पत्र के माध्यम से कर्मचारियों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें मानदेय के बकाया एरियर का भुगतान, अक्टूबर 2023 की हड़ताल अवधि का पात्र कर्मचारियों को बकाया मानदेय, गांव से बाहर ड्यूटी लगाने पर प्रतिदिन 200 रुपए भत्ता, वार्षिक वर्दी भत्ता 4 हजार से बढ़ाकर 6 हजार रूपए तथा धुलाई भत्ता 1 हजार से बढ़ाकर 1500 रुपए करना शामिल है।
उन्होंने बताया कि ड्यूटी के दौरान किसी ग्रामीण सफाई कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने, मृतक कर्मचारी के परिवार को ईपीएफ और ईएसआई से संबंधित मृत्यु दावा प्रक्रिया में बीडीपीओ कार्यालय द्वारा सहायता उपलब्ध करवाने तथा प्रत्येक माह की 7 तारीख तक मानदेय जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों ने बैठक को सकारात्मक और संतोषजनक बताया।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. किरण सिंह, एसडीएम इसराना नवदीप नैन, डीडीपीओ राजेश शर्मा, डीडीपीओ कैथल रितु लाठर, बीडीपीओ शीतल सहित पंचायत विभाग के अधिकारी तथा ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
