कैथल में स्टेट विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने सिविल लाइन थाना में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर (SI) को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। आरोप है कि SI ने एक केस में व्यक्ति का नाम हटाने के बदले 40 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद ACB ने ट्रैप लगाकर कार्रवाई की और आरोपी पुलिसकर्मी को रंगे हाथों पकड़ लिया।
जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता का नाम एक पुलिस केस में शामिल था। आरोप है कि मामले की जांच कर रहे SI ने केस से उसका नाम हटाने के लिए 40 हजार रुपए की मांग की। शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी ACB को दी। इसके बाद ब्यूरो की टीम ने शिकायत की जांच की और रिश्वत लेते पुलिसकर्मी को पकड़ने के लिए योजना बनाई।
ACB की टीम ने शिकायतकर्ता को तय रकम लेकर पुलिस थाने भेजा। जैसे ही SI ने 25 हजार रुपए की रिश्वत ली, वहां मौजूद ACB टीम ने उसे पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली। इसके बाद आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत कार्रवाई शुरू की गई।
बताया जा रहा है कि कार्रवाई सिविल लाइन थाना परिसर में ही की गई। पुलिस विभाग में ACB की इस कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया। टीम आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रिश्वत की मांग केवल इसी मामले तक सीमित थी या पहले भी किसी अन्य व्यक्ति से पैसे लिए गए थे।
ACB की ओर से सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ रिश्वतखोरी की शिकायतों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि रिश्वत लेते पकड़े गए सरकारी कर्मचारियों को उसी जिले में दोबारा तैनाती नहीं देने के निर्देश दिए गए हैं।
कैथल में ACB की यूनिट भी भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई करती है। विभाग की आधिकारिक सूची में कैथल ACB यूनिट का कार्यालय और संपर्क विवरण दर्ज है।
फिलहाल आरोपी SI के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। ACB यह भी जांच कर रही है कि रिश्वत की मांग और केस से नाम हटाने के बीच क्या प्रक्रिया अपनाई गई थी। मामले में जांच पूरी होने के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
