हरियाणा में ₹50 करोड़ से बड़े प्रोजेक्ट की EIC दो बार करेगा जांच, लापरवाही पर ACR में कटेगा नंबर

हरियाणा में सरकारी निर्माण परियोजनाओं की गुणवत्ता और निगरानी को मजबूत करने के लिए नया निरीक्षण सिस्टम लागू किया गया है। इसके तहत परियोजना की लागत के आधार पर अलग-अलग स्तर के अधिकारियों के लिए निर्माण के दौरान निरीक्षण की जिम्मेदारी तय की गई है। 50 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाले प्रोजेक्ट्स का निरीक्षण इंजीनियर-इन-चीफ यानी EIC दो बार करेगा। ये निरीक्षण प्रोजेक्ट का करीब 50 प्रतिशत और 90 प्रतिशत काम पूरा होने पर किए जाएंगे।

नए सिस्टम का उद्देश्य सरकारी प्रोजेक्ट्स में निर्माण की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखना और काम पूरा होने के बाद कमियां सामने आने की स्थिति को कम करना है। अब बड़े प्रोजेक्ट्स की जांच केवल साइट स्तर के अधिकारियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वरिष्ठ अधिकारी भी निर्माण के अलग-अलग चरणों में मौके पर जाकर काम की स्थिति देखेंगे। इससे निर्माण सामग्री, तकनीकी मानकों और निर्धारित गुणवत्ता के पालन की निगरानी की जाएगी।

नए निरीक्षण ढांचे के अनुसार 25 करोड़ रुपए या उससे अधिक लागत वाली परियोजनाओं का निरीक्षण चीफ इंजीनियर द्वारा चार चरणों में किया जाएगा। ये निरीक्षण करीब 20, 40, 60 और 80 प्रतिशत काम पूरा होने पर होंगे। वहीं 10 करोड़ रुपए या उससे अधिक लागत वाले प्रोजेक्ट्स की जांच सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर छह चरणों में करेगा। इसमें करीब 15, 30, 45, 60, 75 और 90 प्रतिशत निर्माण पूरा होने के चरण शामिल हैं।

सरकार ने निरीक्षण प्रक्रिया के साथ जवाबदेही तय करने के लिए साइट ऑर्डर बुक की व्यवस्था भी की है। हर प्रोजेक्ट साइट पर यह बुक उपलब्ध रहेगी। निरीक्षण के दौरान अधिकारी निर्माण में मिली कमियों, तकनीकी निर्देशों और उन्हें दूर करने के लिए दिए गए निर्देशों को इसमें दर्ज करेंगे। इससे बाद में यह पता लगाया जा सकेगा कि किस अधिकारी ने क्या कमी देखी और उसे दूर करने के लिए क्या कार्रवाई की गई।

नए सिस्टम में निरीक्षण रिपोर्ट को भी महत्वपूर्ण बनाया गया है। प्रोजेक्ट की गुणवत्ता से जुड़ी कमियों का रिकॉर्ड रखने के साथ तय मानकों और प्रक्रियाओं के आधार पर गुणवत्ता का आकलन किया जाएगा। इन निरीक्षण रिकॉर्ड का इस्तेमाल संबंधित अधिकारियों के प्रदर्शन और वार्षिक मूल्यांकन में भी किया जा सकता है। ऐसे में निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली लापरवाही का असर अधिकारियों की ACR यानी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट पर पड़ सकता है।

हरियाणा सरकार पहले भी सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर कार्रवाई कर चुकी है। जून 2026 में क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी की तकनीकी ऑडिट रिपोर्ट के बाद छह अधिकारियों को निलंबित किया गया था। सरकार ने संबंधित विभागों को कमियों को दूर करने, जिम्मेदारी तय करने और जहां जरूरी हो वहां ठेकेदारों से रिकवरी की कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।

सरकार ने निर्माण स्थलों पर प्रोजेक्ट की जानकारी वाले QR कोड लगाने और थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन एंड मॉनिटरिंग एजेंसियों के इस्तेमाल जैसे कदमों पर भी जोर दिया है। नए निरीक्षण ढांचे के जरिए बड़े प्रोजेक्ट्स में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही को निर्माण के दौरान ही सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।

By Gurpreet Singh

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