चंडीगढ़(गुरप्रीत सिंह): आम आदमी पार्टी (आप) के पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा ने शुक्रवार को ईडी (एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट) दी कार्यप्रणाली और खासकर चुनाव से ठीक पहले की टाइमिंग पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जहां भी चुनाव नजदीक आते हैं, जांच एजेंसियां अचानक सक्रिय हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियों को डराने और उन पर दबाव बनाने के लिए ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल करना बिल्कुल सही नहीं है और यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
मीडिया से बात करते हुए आप पंजाब के प्रधान और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा, “जब भी चुनाव पास आते हैं, ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियां, और यहां तक कि चुनाव कमीशन भी अचानक सक्रिय हो जाते हैं। इससे ऐसा लगता है जैसे ये एजेंसियां अपने राजनीतिक आकाओं के इशारे पर काम कर रही हैं। विपक्षी पार्टियों को डराने और उन पर दबाव बनाने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल करना सही नहीं है। यह लोकतंत्र पर हमला है।”
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आप पंजाब प्रधान ने कहा, “जो लोग आज अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ ईडी की कार्रवाई का स्वागत कर रहे हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि कल यह एजेंसी उनके दरवाजे तक भी पहुंच सकती है। कांग्रेस के सीनियर नेताओं के खिलाफ भी समन और केस पेंडिंग हैं। बड़ा मुद्दा यह है कि क्या जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया जा रहा है? आप ऐसी कार्रवाई का सपोर्ट सिर्फ तभी नहीं कर सकते जब इससे आपको राजनीतिक फायदा हो।”
जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली और उनके सज़ा दिलवाने की दर पर सवाल उठाते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि उनकी व्यापक शक्तियों के कारण उन लोगो के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं, जिन्हे लंबे समय तक गिरफ्तार कर हिरासत में रखा जाता है। उन्होंने आगे कहा, “किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करके महीनों या सालों तक हिरासत में रखा जा सकता है। लेकिन अगर वह व्यक्ति आखिरकार बरी हो जाता है, तो उसके नुकसान की भरपाई कौन करेगा? उसकी ज़िंदगी के उन सालों की भरपाई कौन करेगा? ये वो गंभीर सवाल हैं जो तब पूछे जाने चाहिए जब जांच एजेंसियों को ऐसी असीमित शक्तियां दी जाती हैं।”
आप नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन का ज़िक्र करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि ऐसे मामलों में लंबे समय तक हिरासत में रखने और बाद में राहत मिलने की घटनाओं ने इन मामलों की टाइमिंग और उन्हें संभालने के तरीके पर सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई की टाइमिंग पर सवाल उठते हैं, खासकर तब जब चुनाव पास हों और विपक्षी नेताओं और पार्टियों को ज्यादा से ज्याद निशाना बनाया जाता है।
भाजपा की रैलियों और नशों के विरुद्ध चल रही मुहिम के बारे में बात करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा, “भाजपा जितनी चाहे रैलियां कर ले और जितनी चाहे राजनीतिक गतिविधियां कर ले। लेकिन पंजाब के लोग इन राजनीतिक ड्रामों पर कोई ध्यान नहीं देंगे।”
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के भाजपा में अपनी राजनीतिक स्थिति के बारे में हाल ही में दिए गए बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने खुद अपनी निराशा जाहिर की है और अपनी स्थिति के बारे में बताया है। उन्होंने कहा कि वह कैप्टन साहब के साथ हमदर्दी रखते हैं और उन्हें शुभकामनाएं देते हैं, साथ ही यह भी याद दिलाया कि कैप्टन अमरिंदर सिंह हमेशा बिना किसी झिझक के अपनी बात कहने के लिए जाने जाते हैं।
जब अमन अरोड़ा से पूछा गया कि क्या आम आदमी पार्टी कैप्टन अमरिंदर सिंह को पार्टी में शामिल होने के लिए बुला सकती है, तो उन्होंने साफ कहा कि पार्टी में ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है।
